एनके एरिया कार्यालय के समक्ष खनन प्रभावित ग्रामीणों ने दिया धरना

एनके एरिया महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष खनन प्रभावित ग्रामीणों ने एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया.

खलारी. रुढ़िगत संयुक्त ग्राम सभा मंच के बैनर तले सीसीएल एनके एरिया महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष खनन प्रभावित ग्रामीणों ने एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया. इस दौरान नार्थ कर्णपुरा क्षेत्र के कई गांवों के विस्थापितों ने सीसीएल और राज्य सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए मुआवजा, पुनर्वास और रोजगार की मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया. धरना में शामिल ग्रामीणों का कहना था कि उनका क्षेत्र अनुसूचित जनजाति बहुल है, जहां आजीविका का मुख्य साधन खेती और वन उत्पाद रहा है. वर्ष 1974-75 में एलए एक्ट 1894 एवं सीवी एक्ट 1957 के तहत उनकी भूमि अधिग्रहित की गयी थी, लेकिन आज तक अधिकतर परिवारों को न तो उचित मुआवजा मिला और न ही वादे के अनुरूप पुनर्वास की सुविधा दी गयी. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कंपनी द्वारा अब घरों से मात्र 10-12 मीटर की दूरी पर खनन कार्य किया जा रहा है, जिससे जीवन और संपत्ति दोनों को खतरा बढ़ गया है. अधिग्रहण के समय की गयी 25-30 वर्षों की लीज समाप्ति के बाद भूमि वापसी का वादा भी आज तक पूरा नहीं हुआ. पुनर्वास में केवल पांच डिसमिल भूमि देकर खानापूर्ति की जा रही है, जबकि सीएनटी एक्ट 1908 और एसपीटी एक्ट 1949 के प्रावधानों की खुली अनदेखी करते हुए भूमि का म्यूटेशन कंपनी के नाम कराया जा रहा है. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार और कंपनी खनन से अरबों का लाभ अर्जित कर रही हैं, लेकिन प्रभावित गांव आज भी बिजली, पानी, सड़क और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जायेगा तथा चरणबद्ध विरोध कार्यक्रम चलाया जायेगा. मौके पर मंच के नेताओं धनेश्वर गंझू, बहुरा मुंडा, अर्जुन गंझू, अब्दुल्ला अंसारी, रंथू उरांव, एलेक्जेंडर तिग्गा, राजकुमार उरांव, भरत गंझू, परमेश्वर गंझू सहित कई वक्ताओं ने संबोधित किया.धरना के अंत में मंच की ओर से 32 सूत्री मांग पत्र सीसीएल प्रबंधन को सौंपा गया. धरना की अध्यक्षता सुष्मिता उरांव ने की, संचालन महेंद्र उरांव एवं धन्यवाद ज्ञापन बलेश्वर उरांव ने दिया. धरना में शिवम मुंडा, मनोज राम, संतोष गंझू, राहुल राम, किशोर मुंडा, गणेश पाहन, सुरेश उरांव, प्रदीप उरांव, सीतामनी उरांव, सरस्वती देवी, जानी उरांव, किरण, संगीता देवी सहित डेंबुआ, करकट्टा, विश्रामपुर, ढुब, अगरवा, बिरसा नगर, केकराहीगढा, मानकी बस्ती, मुंडा टोली, भूतनगर, बरटोला तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए.

रुढ़िगत संयुक्त ग्राम सभा मंच के बैनर तले हुआ कार्यक्रम

मुआवजा, पुनर्वास व रोजगार को लेकर प्रबंधन को सौंपा मांग-पत्र

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Author: DINESH PANDEY

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