Metabolic Syndrome की वजह से होती हैं कई गंभीर बीमारियां, डॉ हिमालय झा ने बताये बचाव के उपाय

मेटाबॉलिक सिंड्रोम (What is Metabolic Syndrome) का मतलब है कुछ आंतरिक मेटाबॉलिक स्थितियों का समूह, जिनसे आपको भविष्य में कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं.

मेटाबॉलिक सिंड्रोम (Metabolic Syndrome) की वजह से कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं. इसकी वजह से डायबिटीज (Diabetes), हृदय रोग (Heart Disease) और स्ट्रोक (Stroke) जैसे रोगों के होने की संभावना बढ़ जाती है. यह सिंड्रोम जानलेवा भी हो सकता है. इसलिए इससे बचने की जरूरत है. केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य सेवा लाभार्थी कल्याण संघ के तत्वावधान में बुधवार को आयोजित एक वेबिनार में डॉ हिमालय कुमार झा ने ये बातें कहीं. मेटाबॉलिक सिंड्रोम के बारे में उन्होंने इस वेबिनार में विस्तार से जानकारी दी.

ब्लड शुगर और प्रेशर की कराते रहें जांच

डॉ हिमालय कुमार झा (Dr Himalaya Kumar Jha) ने इससे बचने के लिए लोगों को नियमित रूप से ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर की जांच कराने की सलाह दी. साथ ही कहा कि कोलेस्ट्रॉल लेवल (Cholesterol Level) की भी समय-समय पर जांच करवाते रहें. समारोह की अध्यक्षता संस्था के केंद्रीय अध्यक्ष विश्वनाथ पांडे, संचालन डॉ दिलीप गांगुली और स्वागत भाषण गणेश प्रसाद चौधरी दिया. वेबिनार में अतिरिक्त निदेशक सोनाली भट्टाचार्य, डॉ शिल्पा मिंज, डॉ सुंदरम आदि शामिल थे.

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मेटाबॉलिक सिंड्रोम क्या है?

मेटाबॉलिक सिंड्रोम (What is Metabolic Syndrome) का मतलब है कुछ आंतरिक मेटाबॉलिक स्थितियों का समूह, जिनसे आपको भविष्य में कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं. उन्होंने कहा कि अगर हाई ब्‍लड प्रेशर (High Blood Pressure), हाई ब्‍लड शुगर (High Blood Sugar), कमर के पास चर्बी (Belly Fat) का जमा होने के साथ असामान्‍य कोलेस्‍ट्रॉल लेवल (Cholesterol Level) तीनों की स्थिति एक साथ बन जाये, तो इसे मेटाबॉलिक सिंड्रोम कहते हैं.

मेटाबॉलिक सिंड्रोम के कारण

  • पेट या पेट के आसपास बहुत अधिक मात्रा में फैट का जमाव होना.

  • टाइप-2 मधुमेह होने का रिस्क या घर में पहले से ही किसी को डाइबिटीज होना.

  • हाई ब्लड प्रेशर होना.

  • -आपके शरीर में हाई ट्रीग्लिसराइड्स (एक प्रकार का फैट) होना.

  • खून में गुड कोलेस्ट्रॉल लेवल का कम होना.

मेटाबॉलिक सिंड्रोम से कैसे बचें

यह सिंड्रोम जानलेवा भी हो सकता है. इसलिए इससे बचाव बहुत जरूरी है. इसके लिए नियमित रूप से ब्लड शुगर व ब्लड प्रेशर चेक करवाते रहें. कोलेस्ट्रॉल लेवल का ध्यान रखिए. सिंड्रोम का पता लगाने के लिए समय-समय पर जांच जरूरी है.

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डायट में बदलाव जरूरी

यदि आप अपनी डायट में फाइबर व अच्छे फैट्स को शामिल करते हैं, तो आप इस सिंड्रोम से बच सकते हैं. ज्यादा से ज्यादा होल ग्रेन, पत्तेदार सब्जियां, लीन मीट व मछली खाना शुरू करें. ज्यादा नमक खाने से बचें, क्योंकि ज्यादा नमक ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है.

गतिविधियों में बदलाव करें

नियमित रूप से एक्सरसाइज करें. खुद को एक्टिव रखें, ताकि आपका मेटाबॉलिज्म बढ़ सके. इससे आपका हृदय अच्छे प्रकार से काम करेगा और आपका वजन भी नियंत्रित रहेगा. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक सप्ताह में 3 घंटे एरोबिक्स करना चाहिए. यह आपकी सेहत के लिए बढ़िया रहेगा. यदि आप दिल और ब्लड प्रेशर की बीमारी से बचना चाहते हैं, तो योग व सांस संबंधी कसरत जरूर करें. बहुत अधिक स्ट्रेस में हैं, तो मेडिटेशन भी ट्राई कर सकते हैं.

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लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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