रांची से नवीन शर्मा, आनंद मोहन, राजलक्ष्मी, अभिषेक आनंद और अरविंद की रिपोर्ट
JPSC Student Protest: JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर आंदोलनरत छात्रों और राज्य सरकार के मंत्रियों के बीच स्टेट गेस्ट हाउस में करीब डेढ़ घंटे तक चली वार्ता समाप्त हो गई. बैठक के बाद छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि उनकी प्रमुख मांगों पर सरकार के साथ सहमति नहीं बन सकी है. इसलिए आंदोलन फिलहाल जारी रहेगा. वहीं, सरकार की ओर से मंत्री ने कहा कि छात्रों के साथ सकारात्मक माहौल में बातचीत हुई है. उनकी सभी बातों को गंभीरता से सुना और समझा गया है. सरकार मांगों पर विचार कर आगे की प्रक्रिया तय करेगी.
छात्रों के साथ शांत माहौल में हुई बात: सुदिव्य कुमार सोनू
आंदोलनरत छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के बाद झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने वार्ता को सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि सरकार और छात्रों के बीच बेहद शांत एवं मित्रतापूर्ण माहौल में बातचीत हुई. बैठक के दौरान छात्रों की सभी मांगों को विस्तार से सुना और समझा गया. मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार छात्रों की चिंताओं और सुझावों पर गंभीर मंथन कर आगे उचित निर्णय लेने का प्रयास करेगी.
सरकार को हमारी मांगों की नहीं थी जानकारी: छात्र
बैठक में शामिल छात्रों ने कहा, सरकार को पता नहीं था कि हमारी मांगें क्या हैं? हमने उन्हें अपनी मांगों के बारे में बताया है. इस बैठक से एक सकारात्मक पहल की शुरुआत हुई है. जब तक हमारी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक हम इसी तरह आंदोलन करते रहेंगे. सरकार ने कहा है कि हमारी मांगों पर विचार किया जाएगा.'
पहली वार्ता सकारात्मक रही: रविंद्र पासवान
सरकार के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के बाद छात्र नेता रविंद्र पासवान ने वार्ता को सकारात्मक बताया. उन्होंने कहा कि यह सरकार के साथ उनकी पहली बैठक थी और पूरे माहौल में सकारात्मकता दिखी. उन्होंने कहा, "सभी के साथ बैठकर ऐसा लगा जैसे परिवार के बीच बातचीत हो रही हो. बैठक काफी सकारात्मक रही." रविंद्र पासवान ने विश्वास जताया कि राज्य सरकार, मुख्यमंत्री और सभी मंत्री छात्रों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए उन पर उचित विचार करेंगे. हालांकि, उन्होंने कहा कि अब सभी की नजर सरकार के अगले कदम पर रहेगी.
10 अगस्त को विधानसभा घेराव पर अड़े छात्र
सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच हुई वार्ता किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी. बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल में शामिल छात्रों ने कहा कि सरकार ने उनका मांग पत्र स्वीकार कर लिया है, लेकिन मांगों के समाधान को लेकर कोई ठोस आश्वासन या निर्णय नहीं मिला. छात्रों ने स्पष्ट किया कि आंदोलन पहले की तरह जारी रहेगा और 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव कार्यक्रम हर हाल में होगा. छात्र नेताओं ने झारखंड के युवाओं और अभ्यर्थियों से अधिक से अधिक संख्या में रांची पहुंचकर विधानसभा घेराव कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की.
डेढ़ घंटे तक चली सरकार और छात्रों की बैठक
JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच शुक्रवार को सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच औपचारिक वार्ता रात 9.25 मिनट पर समाप्त हो गई. सरकार और छात्रों के बीच करीब डेढ़ घंटे तक बातचीत चली. छात्रों ने कहा कि सरकार के साथ हमारी सकारात्मक वार्ता हुई है. बैठक में छात्रों के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल और सरकार के प्रतिनिधि आमने-सामने बैठकर विभिन्न मांगों पर चर्चा की गई. छात्र प्रतिनिधि सरकार को अपने मांग पत्र के प्रत्येक बिंदु से अवगत कराया और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, कथित अनियमितताओं की जांच तथा परीक्षा सुधार सहित अन्य मांगों पर कार्रवाई की अपेक्षा जताई.
शाम 7:45 बजे शुरू हुई बैठक
JPSC-JSSC परीक्षा विवाद को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच शुक्रवार शाम सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच स्टेट गेस्ट हाउस में वार्ता जारी है. शाम 7:23 बजे सरकार की ओर से चार मंत्रियों का प्रतिनिधिमंडल स्टेट गेस्ट हाउस पहुंचा, जबकि 7:45 बजे छात्र प्रतिनिधिमंडल वहां पहुंचा. फिलहाल दोनों पक्षों के बीच मांगों पर बातचीत चल रही है. स्टेट गेस्ट हाउस के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और दोनों प्रतिनिधिमंडलों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई.
आंदोलन के 14वें दिन हो रही सरकार के साथ बातचीत
छात्र आंदोलन के 14वें दिन सरकार ने समाधान की दिशा में गंभीर पहल की है. शुक्रवार को एसडीएम की मौजूदगी में तीन वाहनों से छात्र प्रतिनिधियों को स्टेट गेस्ट हाउस लाया गया, जहां सरकार के साथ वार्ता होनी है. स्टेट गेस्ट हाउस में सरकार की ओर से चार मंत्रियों का प्रतिनिधिमंडल भी पहुंच गया है. सरकार छात्रों की मांगों पर चर्चा कर आंदोलन का समाधान निकालने का प्रयास करेगी. छात्रों से बातचीत के बाद सरकार आगे की रणनीति तय करेगी.
शाम सात बजे रखा गया था बातचीत का समय
जेपीएससी अभ्यर्थियों के आंदोलन के बीच शुक्रवार शाम 7 बजे स्टेट गेस्ट हाउस में सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के बीच बातचीत का समय निर्धारित किया गया था. बैठक को लेकर छात्रों ने सरकार से बातचीत करने वाले अपने नए 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल (डेलिगेट्स) की अंतिम सूची जारी कर दी है.
छात्रों ने जारी की प्रतिनिधिमंडल सदस्यों की सूची
छात्रों की ओर से जारी सूची के अनुसार रवीन्द्र पासवान, पीयूष कुमार, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, अंकित राज, कार्तिक सोरेन, शालू कुमारी, रवींद्र कुमार रवि, आनंद कुमार और अंकित कुमार सरकार के साथ वार्ता में शामिल होंगे. अभ्यर्थियों का कहना है कि सभी की सहमति से प्रतिनिधिमंडल का गठन किया गया है, ताकि आंदोलन से जुड़ी मांगों को मजबूती के साथ सरकार के सामने रखा जा सके.
छात्रों ने शांतिपूर्ण तरीके से सरकार तक पहुंचाई बात
वहीं सरकार की ओर से वार्ता में मंत्री दीपिका पांडे सिंह, मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, मंत्री चमरा लिंडा, मंत्री संजय यादव तथा अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह शामिल होंगे. सरकार और अभ्यर्थियों के बीच जेपीएससी से जुड़े विभिन्न मुद्दों और छात्रों की मांगों पर चर्चा होगी. यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि पिछले कई दिनों से जेपीएससी अभ्यर्थी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. छात्रों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं और वार्ता के जरिए समाधान की उम्मीद कर रहे हैं.
सरकार की ओर से वार्ता में शामिल प्रतिनिधि
- मंत्री दीपिका पांडे सिंह
- मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू
- मंत्री चमरा लिंडा
- मंत्री संजय यादव
- अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह
छात्रों की ओर से अंतिम 10 डेलिगेट्स
- रवीन्द्र पासवान
- पीयूष कुमार
- राजेश प्रसाद
- नीतू कुजूर
- अंकित राज
- कार्तिक सोरेन
- शालू कुमारी
- रवींद्र कुमार रवि
- आनंद कुमार
- अंकित कुमार
छात्रों की क्या है मांग
छात्रों की ओर से कहा गया कि 14वीं जेपीएससी की परीक्षा में कदाचार के मामले सामने आये हैं. इसे तत्काल पीटी का परीक्षाफल रद्द करे. इसके अलावा दूसरी परीक्षाएं जिसमें अनियमितता की बात आयी है, उसे रद्द करें.
सरकार ने अब तक क्या कहा?
सरकार की ओर से कहा गया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर सीआइडी पूरी कड़ाई और निष्पक्षता के साथ जांच कर रही है. कई लोगों को जेल भेजा गया है. छात्र अपना आंदोलन वापस लें. सरकार मांगों को लेकर संवेदनशील है.
