रांची. झारखंड राज्य पूर्व विधायक परिषद को अधिक प्रभावी और सशक्त बनाने के लिए सघन सदस्यता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है. परिषद की बैठक में पूर्व विधायकों की समस्याओं के समाधान के साथ राज्यहित से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा और परिचर्चा आयोजित करने पर भी सहमति बनी.
पूर्व विधायकों की सुविधाओं का मुद्दा उठा
बैठक में झारखंड राज्य विधायक-सांसद गृह निर्माण स्वावलंबी संस्था की बैठक बुलाने पर चर्चा हुई. इसके अलावा पूर्व विधायकों के परिसहाय का मानदेय बढ़ाकर 35 हजार रुपये करने, चिकित्सा सुविधा का लाभ पूर्व विधायकों के आश्रितों को भी देने तथा वर्तमान विधायकों की तर्ज पर पूर्व विधायकों को आयकर में छूट देने की मांग पर भी विचार किया गया.
सदस्यता अभियान के लिए 11 सदस्यीय उपसमिति
परिषद के कार्यों और सदस्यता अभियान को गति देने के लिए 11 सदस्यीय उपसमिति का गठन किया गया है. इसमें भुनेश्वर मेहता, केशव महतो कमलेश, रामटहल चौधरी, डॉ दिनेश सारंगी, डॉ लम्बोदर महतो, गौतम सागर राणा, डॉ रवींद्र राय, थोमस सोरेन, रामचन्द्र केशरी, राजेश रंजन और प्रवीण कुमार सिंह को शामिल किया गया है.
प्रमंडलवार सौंपी गयी जिम्मेदारी
सदस्यता अभियान के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में पूर्व विधायकों को जिम्मेदारी दी गयी है. पलामू में राजेंद्र प्रताप देव, रामचन्द्र केशरी और घूरन राम, जबकि कोल्हान में डॉ प्रदीप कुमार बालमुचू, अरविंद सिंह और बड़कुंवर गगराई अभियान चलायेंगे.
हजारीबाग में जय प्रकाश भाई पटेल, गौतम सागर राणा और किसुन दास तथा धनबाद में डॉ रवींद्र राय, डॉ लंबोदर महतो और अपर्णा सेन गुप्ता को जिम्मेदारी दी गयी है.
संताल परगना के देवघर, दुमका और जामताड़ा में सुनील सोरेन, सत्यानंद झा, बाटुल, शशांक शेखर भोक्ता और नारायण दास, जबकि गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज में राजेश रंजन, थोमस सोरेन और मिस्त्री सोरेन सदस्यता अभियान चलायेंगे.
दक्षिण छोटानागपुर में लोहरदगा के लिए प्रवीण सिंह और कमलेश उरांव तथा रांची के लिए डॉ जय प्रकाश गुप्ता, राम कुमार पाहन और समरी लाल को जिम्मेदारी सौंपी गयी है.
बैठक की अध्यक्षता परिषद के अध्यक्ष भुनेश्वर मेहता ने की. महासचिव केशव महतो कमलेश समेत बड़ी संख्या में पूर्व विधायक बैठक में उपस्थित थे.
