मारंग बुरु को बचाने की मुहिम के साथ आदिवासियों की भारत यात्रा कल से, सालखन मुर्मू करेंगे नेतृत्व

मारंग बुरु बचाओ यात्रा के दौरान 2023 में हर हाल में सरना धर्म कोड की मान्यता के विषय, कुरमी एसटी का मामला, झारखंड में प्रखंडवार नियोजन नीति लागू करने, देश के सभी पहाड़ पर्वतों को आदिवासियों को सौंपने के मुद्दों पर जागरूकता फैलायी जायेगी

मारंग बुरु बचाओ भारत यात्रा की शुरुआत 17 जनवरी से जमशेदपुर से होगी. आदिवासी सेंगेल अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व सांसद सालखन मुर्मू इसका नेतृत्व करेंगे. यात्रा के क्रम में देश के विभिन्न राज्यों के आदिवासी बहुल जिलों में जनसभा कर जनता को जागरूक किया जायेगा. यह यात्रा फरवरी के अंत तक चलेगी. 18 को रांची, 19 को रामगढ़, 20 को हजारीबाग, 21 को जामताड़ा, 22 को दुमका और 23 को गोड्डा जिलों की यात्रा होगी.

इस यात्रा के दौरान 2023 में हर हाल में सरना धर्म कोड की मान्यता के विषय, कुरमी एसटी का मामला, झारखंड में प्रखंडवार नियोजन नीति लागू करने, देश के सभी पहाड़ पर्वतों को आदिवासियों को सौंपने के मुद्दों पर जागरूकता फैलायी जायेगी. सालखन ने बताया कि स्वतंत्रता सेनानी तिलका मुर्मू की जयंती पर 11 फरवरी को मोरहाबादी मैदान में अंतरराष्ट्रीय स्तर का मारंग बुरु-सरना महाधरना का आयोजन किया जायेगा.

14 अप्रैल को डॉ अंबेडकर की जयंती पर मोरहाबादी मैदान में राष्ट्रीय आदिवासी एकता महासभा का आयोजन होगा. 17 जनवरी को पांच राज्यों के 50 जिला मुख्यालय में मरांग बुरु बचाओ के लिए धरना-प्रदर्शन होगा व राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया जायेगा. 30 जनवरी को सरना धर्म कोड की मान्यता के लिए मशाल जुलूस निकाला जायेगा.

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By Prabhat Khabar News Desk

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