सदर अस्पताल में मैमोग्राफी सुविधा शुरू

महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के बढ़ते खतरे को देखते हुए जांच के लिए सदर अस्पताल में डिजिटल मैमोग्राफी मशीन का रविवार को उद्घाटन किया गया.

रांची. महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के बढ़ते खतरे को देखते हुए जांच के लिए सदर अस्पताल में डिजिटल मैमोग्राफी मशीन का रविवार को उद्घाटन किया गया. वीनस डीआरवी प्लस नामक यह अत्याधुनिक मैमोग्राफी मशीन रोटरी क्लब ऑफ रांची ने अस्पताल को उपलब्ध करायी है. इसकी कीमत लगभग 45 लाख रुपये है. जांच शुल्क महज 1100 रुपये है. वहीं बीपीएल और आयुष्मान लाभार्थियों के लिए यह जांच निःशुल्क होगी. मशीन का उद्घाटन मुख्य अतिथि डीजी रोटेरियन बिपिन चाचन, फर्स्ट लेडी रोटेरियन शिल्पी चाचन, रांची रोटरी अध्यक्ष गौरव बागरॉय, सिविल सर्जन डॉ प्रभात कुमार, उपाध्यक्ष डॉ विमलेश सिंह ने संयुक्त रूप से किया. मौके पर डीजी रोटेरियन बिपिन चाचन ने कहा कि 40 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं में स्तन कैंसर का जोखिम अधिक होता है, इसलिए यह मशीन ब्रेस्ट कैंसर के मामले में एक क्रांतिकारी कदम साबित होगी. सिविल सर्जन डॉ प्रभात कुमार ने कहा कि यह मशीन ब्रेस्ट कैंसर के मामलों में कारगर होगी. इसकी जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी. गौरव बागरॉय और सचिव ख्याति मुंजाल ने कहा कि क्लब ने अपने प्रोजेक्ट आरोग्यम – बैटलिंग ब्रेस्ट कैंसर के तहत यह मशीन लगायी है. इसमें दक्षिण कोरिया के रोटरी क्लब सुवोन-नोसोंग डी-3750 ने भी योगदान किया है. इस अवसर पर सदर अस्पताल के नेत्र रोग विभाग से डॉ प्रीतीश प्रणॉय, रेडियोलॉजिस्ट डॉ अंबुज, डॉ मुक्ता अग्रवाल, डॉ आरके सिंह, डॉ रश्मि प्रसाद, डॉ शिल्पी तिग्गा, डॉ वंदिता, डॉ सुजाता, डॉ अखिलेश झा के अलावा क्लब के असिस्टेंट गवर्नर दीपक श्रीवास्तव, भंडारी लाल, मुकेश तनेजा, मनोज तिवारी, सुरेश साबू, रवींद्र सिंह चड्ढा, ललित त्रिपाठी, प्रवीण राजगढ़िया, अमित अग्रवाल, पवन जायसवाल, निशि जायसवाल, ख्याति मुंजाल, जसदीप सिंह, हरमिंदर सिंह, मनीष सिंह, प्रकाश सरावगी, राजकुमार अग्रवाल, आभा बागरॉय, लोकेश साहू, रश्मि अग्रवाल, कनिष्का मल्होत्रा मुख्य रूप से उपस्थित थे.

इस मैमोग्राफी मशीन से 10 सेकंड में स्क्रीन पर दिखेगी समस्या

मैमोग्राफी मशीन में एक एक्स-रे ट्यूब, एक डिटेक्टर और एक जनरेटर होता है. यह फुल फील्ड डिजिटल मैमोग्राफी (एफएफडीएम) तकनीक पर आधारित है. एक्स-रे ट्यूब से निकलने वाली किरणें स्तन से होकर गुजरती हैं और डिटेक्टर द्वारा कैप्चर की जाती हैं, जिससे एक छवि बनती है. यह मशीन उच्च गुणवत्ता वाली इमेज मात्र 10 सेकंड में स्क्रीन पर दिखा देती है. कम दबाव और दर्द रहित जांच के लिए इसमें विशेष रूप से डिजाइन किये गये कंप्रेशन पैडल्स लगे हैं.

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Published by: Praveen

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