रांची. मैथिली भाषियों समेत अन्य लोगों ने सोमवार को लोक व्रत चौठ चंद्र का पर्व मनाया. इस अवसर पर व्रतियों ने दिनभर उपवास रखा. शाम में चंद्रमा के दर्शन कर अर्घ दिया और सभी के मंगल की कामना की.
अल्पना पर फल-पकवान रखकर की पूजा
चौठ चंद्र के दिन सामान्य रूप से चंद्र दर्शन करने से दोष लगने की मान्यता है. इसलिए इस दिन विधि-विधान से चंद्रमा की पूजा और अर्घ अर्पित करने की परंपरा है. व्रती हाथों में फल समेत अन्य पूजन सामग्री लेकर चंद्रमा को अर्घ देते हैं. इसके लिए एक दिन पूर्व से ही विभिन्न पकवान बनाने की तैयारी शुरू कर दी गयी थी.
पूजा के लिए घरों को अल्पना आदि से सजाया गया. इसके बाद अल्पना पर विभिन्न फल और पकवान रखकर पूजा-अर्चना की गयी. कई लोगों ने घर के आंगन, कुछ ने छत और कुछ ने घर के अंदर पूजा की. इस दौरान लोकगीत भी गाये गये.
बड़ों का आशीर्वाद लेकर बांटा प्रसाद
पूजा-अर्चना के बाद व्रतियों ने अपने से बड़ों का आशीर्वाद लिया. इसके बाद प्रसाद का वितरण किया और स्वयं भी प्रसाद ग्रहण किया. वहीं, कई व्रती जो तीज का व्रत भी करती हैं, वे मंगलवार को इस प्रसाद क
