रांची. घुरती रथयात्रा के पूर्व शनिवार रात को मौसीबाड़ी में भगवान जगन्नाथ स्वामी, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा को रात 8:00 बजे गंज भोग लगाया जायेगा. यह भोग पूरे साल में केवल एक दिन लगाया जाता है. इसमें उन्हें खिचड़ी, सब्जी, खीर सहित अन्य पकवान परोसे जायेंगे. बाद में प्रसाद स्वरूप भक्तों के बीच इसे बांटा जायेगा. बाद रात 8:30 बजे मंदिर के पट बंद कर दिये जायेंगे. माना जाता है कि गंज भोग देवी लक्ष्मी और गुडिंचा मिलकर बनाती हैं. भगवान को भोग खिलाने के बाद माता लक्ष्मी उनसे मुख्य मंदिर लौटने का आग्रह करती हैं. शनिवार को सुबह 6:00 बजे से पूजा-अर्चना शुरू हो जायेगी. घुरती रथयात्रा रविवार को है. इस दिन प्रात: 5:00 बजे से पूजा शुरू हो जायेगी. सुबह 6:00 बजे मंदिर के पट खुल जायेंगे. दोपहर 2:00 बजे के बाद भगवान को रथ पर विराजमान करने का विधान शुरू होगा. शाम में 4:30 बजे से रथ खींचा जायेगा. इधर, शुक्रवार को भी जगन्नाथपुर मेला में सुबह से लेकर देर शाम तक लोगों की भीड़ पहुंचती रही. लोगों ने विभिन्न सामाग्रियों की खरीदारी की, तरह-तरह के व्यंजनों और झूलों व राइड का लुत्फ लिया. वहीं, सुबह में पूजा-अर्चना के लिए मंदिर में भीड़ लगी हुई थी. यह भीड़ मुख्य मंदिर से लेकर नीचे तक थी. कई लोग तो बाहर से ही भगवान की पूजा-अर्चना कर चले गये. वहीं, काफी संख्या में भक्त लाइन में अपनी बारी आने का इंतजार करते रहे. आयोजकों ने कहा कि मेले में लोगों की अच्छी भीड़ रही.
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