प्रतिनिधि, अनगड़ा.
सिकिदिरी के भूसूर में श्री श्री शिव मंदिर प्राण प्रतिष्ठा सह भागवत ज्ञान महायज्ञ के तीसरे दिन वृंदावन धाम मथुरा की साध्वी सुनीता दीदी ने भागवत महात्म्य का वर्णन किया. उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपने दिव्य देह का तेज श्रीमदभागवत महापुराण में प्रवेश करा दिया था. इसलिए इस पुराण को भगवान श्रीकृष्ण का शरीर माना जाता है. साध्वी ने कहा कि जब भी परमात्मा का गुणानुवाद पृथ्वी पर होता है, देवतागण भी यहां जन्म लेने के लिए लालायित रहते हैं. उन्होंने बताया कि भागवत कथा भक्ति, ज्ञान, वैराग्य और समाजधर्म का ज्ञान देती है. इसे सुनने मात्र से सभी कष्टों से मुक्ति मिल जाती है. कथा व्यास ने कहा कि श्रीमदभागवत पुराण को सभी पुराणों में महापुराण की संज्ञा प्राप्त है. जीवन में भगवान और मृत्यु ही सत्य है. उन्होंने बताया कि जो भक्त अंतिम समय में भगवान का नाम लेता है, उसे नरक नहीं जाना पड़ता है. आयोजन समिति के अध्यक्ष धनेश्वर महतो, राजेंद्र महतो, नेवालाल महतो, गणेश किशोर महतो, आशा देवी, मंजू देवी, कमल महतो, कौशल किशोर महतो, मुकेश महतो, तपेश्वर महतो, झब्बूलाल महतो, रामप्रसाद महतो, डिप्टी महतो, कमल महतो, हेमंत कुमार सहयोग कर रहे हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
