72 के हुए लालू यादव, देखिए कैसे दिख रहे हैं आरजेडी सुप्रीमो? हर तरफ एक सवाल क्या बिहार चुनाव में दिखेंगे...

Lalu Prasad Yadav celebrated his 72 birthday at ranchi rims hospital in presence of Tejashwi Yadav : राजद सुप्रीमो लालू यादव ने आज अपना 73वां जन्मदिन मनाया. चारा घोटाला मामले में सजा काट रहे लालू रांची के अस्पताल रिम्स में भरती हैं. उन्होंने बेटे तेजस्वी की उपस्थिति में केक काटा. इस मौके पर लालू यादव बहुत खुश नजर आ रहे थे और साथ ही वे स्वस्थ भी दिख रहे थे. लालू यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव पिता का जन्मदिन मनाने के लिए कल रात ही रांची आ गये थे.

रांची :राजद सुप्रीमो लालू यादव ने आज अपना 73वां जन्मदिन मनाया. चारा घोटाला मामले में सजा काट रहे लालू रांची के अस्पताल रिम्स में भरती हैं. उन्होंने बेटे तेजस्वी यादव की उपस्थिति में केक काटा. इस मौके पर लालू यादव बहुत खुश नजर आ रहे थे और साथ ही वे स्वस्थ भी दिख रहे थे. लालू यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव पिता का जन्मदिन मनाने के लिए कल रात ही रांची आ गये थे.केक काटते हुए जो वीडियो जारी हुआ है, उसमें लालू यादव अपने परिजनों से वीडियो कॉल पर बात करते दिख रहे हैं और वे उनसे यह कह रहे हैं कि वे यहीं से उन्हें केक खिला रहे हैं.

वे स्वास्थ्य कारणों से महीनों से रिम्स अस्पताल में भरती हैं. कई बार उनकी तसवीर सामने भी आयी तो वे काफी अस्वस्थ दिखे, लेकिन आज जो तसवीर सामने आयी है, उससे उनके समर्थकों सहित विरोधियों के मन में भी यह सवाल उठ गया है कि क्या बिहार चुनाव में लालू यादव सक्रिय होंगे.

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हालांकि लालू यादव का अभी जेल से निकलना संभव नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने भी उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया है. उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से जमानत की अर्जी लगायी थी, जो मंजूर नहीं हुई. लेकिन कोरोना काल में जिस तरह वर्चुअल रैली आयोजित हो रही है और सोशल मीडिया पर नेता काफी एक्टिव हैं, ऐसे में इस बात की संभावना बन सकती है कि लालू यादव बिहार चुनाव में सक्रिय हो जायें.

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बिहार में इस वर्ष विधानसभा चुनाव होना है, जिसके लिए तमाम राजनीतिक दल सक्रिय हो गये हैं और वे सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हो गये हैं. एक ओर जहां तेजस्वी रांची में उनका जन्मदिन मना रहे हैं वहीं उनकी पार्टी बिहार में गरीब सम्मान दिवस मना रही है, जिसमें 72 हजार लोगों को खाना खिलाया जायेगा.

पिता लालू यादव का जन्मदिन मनाने के लिए रांची पहुंचे तेजस्वी यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला किया. तेजस्वी ने कहा कि दुख की बात है कि प्रदेश में लाखों गरीब, मजदूर परेशान हैं, भूख से मर रहे हैं और बिहार के मुख्यमंत्री 85 दिन से गायब थे. वे इस विपरीत स्थिति में भी जनता का सहारा नहीं बन पाये, उनको चुनाव और कुर्सी की चिंता है.ज्ञात हो कि लालू यादव का जन्म 11 जून 1948 को बिहार के गोपालगंज जिले में हुआ था. आज उनके जन्मदिन के अवसर पर पत्नी राबड़ी देवी सहित उनकी बेटियों और बेटे ने ट्‌वीट कर जन्मदिन की बधाई दी.

Posted By : Rajneesh Anand

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रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

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