साल्हन पतरा में रविवार को कुरमी सामाजिक जागृति विचार गोष्ठी हुई. जिसमें कुरमी समाज की दशा व दिशा पर चर्चा की गयी.
By JITENDRA | Updated at :
अनगड़ा.
साल्हन पतरा में रविवार को कुरमी सामाजिक जागृति विचार गोष्ठी हुई. जिसमें कुरमी समाज की दशा व दिशा पर चर्चा की गयी. कुरमी विकास मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष शीतल ओहदार ने कहा कि कुरमी समाज लगातार अन्याय व शोषण का शिकार हो रही है. समाज को एक साजिश के तहत अनुसूचित जनजाति की सूची से हटाया गया, इसके खिलाफ समाज विगत 75 वर्षों से आंदोलन कर रही है. रणधीर चौधरी ने कहा कि कुरमी को अनुसूचित जनजाति की सूची में सूचीबद्ध करने के लिए अब निर्णायक लड़ाई लड़ने की आवश्यकता है. कारीनाथ महतो ने कहा कि झारखंड आंदोलन में कुरमी समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. गोष्ठी में पहली मार्च को प्रभात तारा मैदान में आयोजित महारैली को सफल बनाने की अपील की गयी. गोष्ठी में देवेंद्रनाथ महतो, बेबी महतो, सष्टीरंजन महतो, रामपोदो महतो, सोनेलाल महतो, कुंती देवी, विमला देवी, धनेश्वर महतो, वसंत चौधरी, लक्ष्मण महतो, प्रकाश चौधरी, सुरेश महतो, लखीराम महतो, डुमेश्वर चौधरी, केदार महतो, इंद्रनाथ महतो, लालदेव महतो, फलींद्र महतो, बलराम महतो, खेदना महतो सहित अन्य उपस्थित थे.