जर्जर सड़क से रांची में कोकदोरो गांव के लोग परेशान, वर्षों से मरम्मत का इंतजार

Ranchi News: रांची के पिठोरिया क्षेत्र में कोकदोरो से मदनपुर तक जर्जर सड़क से ग्रामीण परेशान हैं. वर्षों से मरम्मत नहीं होने के कारण आवागमन मुश्किल हो गया है. छात्रों, मजदूरों और किसानों को भारी दिक्कत हो रही है, जबकि बार-बार शिकायत के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है. इससे संबंधित पूरी खबर नीचे पढ़ें.

पिठोरिया से सुजीत कुमार केशरी की रिपोर्ट

Ranchi News: झारखंड की राजधानी रांची से सटे पिठोरिया क्षेत्र में बुकरु चौक से कोकदोरो होते हुए मदनपुर तक करीब चार किलोमीटर लंबी सड़क की हालत बेहद खराब हो चुकी है. वर्षों से जर्जर इस सड़क की मरम्मत नहीं होने से स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई

ग्रामीणों ने इस सड़क की बदहाली को लेकर कई बार विभागीय मंत्री, सांसद, विधायक और संबंधित अधिकारियों को शिकायत दी है. इसके बावजूद अब तक स्थिति जस की तस बनी हुई है. स्थानीय जनप्रतिनिधि भी इस मुद्दे को कई बार उठा चुके हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है.

श्रमदान से बना रहे रास्ता

हर वर्ष ग्रामीण खुद श्रमदान कर सड़क को चलने लायक बनाते हैं. लेकिन इस मार्ग से भारी वाहनों का लगातार आवागमन होने के कारण सड़क पर फिर से गड्ढे हो जाते हैं. इससे ग्रामीणों की मेहनत भी बेकार हो जाती है और समस्या जस की तस बनी रहती है.

छात्रों, मजदूरों और किसानों को हो रही परेशानी

इस सड़क की खराब स्थिति का सबसे ज्यादा असर मजदूरों और किसानों पर पड़ रहा है. इसके अलावा, छात्र-छात्राओं को स्कूल और कॉलेज जाने में कठिनाई हो रही है और मजदूरों को रोजाना शहर पहुंचने में दिक्कत होती है. किसानों को अपने उत्पाद बाजार तक ले जाने में परेशानी उठानी पड़ रही है. रोजमर्रा के जीवन पर इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है.

बारिश से और बिगड़ जाती है हालत

बारिश के दौरान सड़क की स्थिति और खराब हो जाती है. जगह-जगह पानी भर जाने से आवागमन लगभग ठप हो जाता है. सड़क किनारे बनी नालियां भी टूट चुकी हैं, जिससे घरों का गंदा पानी सड़क पर बहता रहता है. इससे लोगों को बदबू और गंदगी की समस्या भी झेलनी पड़ रही है.

कई गांवों को जोड़ती है यह सड़क

यह सड़क मदनपुर, बालू, ओखरगढ़ा, चौबे खटंगा, फटयाटांड़, बुढ़ीबागी और चेटर समेत दर्जनों गांवों को कांके प्रखंड कार्यालय और जिला मुख्यालय रांची से जोड़ती है. ऐसे में इस सड़क का बेहतर होना क्षेत्र के विकास के लिए बेहद जरूरी है.

जनप्रतिनिधियों ने उठाई आवाज

क्षेत्र की जिला परिषद सदस्य हीना परवीन और मुखिया उज्जवल पहान ने कई बार इस समस्या को लेकर विभागीय मंत्री, सांसद और विधायक को पत्र लिखकर अवगत कराया है. इसके बावजूद सड़क निर्माण को लेकर प्रशासन की उदासीनता पर ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है.

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अलग-अलग हिस्सों में और भी खराब हाल

ग्रामीणों का कहना है कि कोकदोरो ईदगाह चौक से बालू श्मशान घाट तक करीब एक किलोमीटर सड़क पिछले 15 वर्षों से मरम्मत का इंतजार कर रही है. वहीं, सुलेमान नगर से चंदरू टोला तक डेढ़ किलोमीटर और बालू से हेठबालू तक दो किलोमीटर सड़क पूरी तरह जर्जर है. कच्ची सड़क होने के कारण यहां पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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