रांची : झारखंड में जेएसएससी और जेपीएससी भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार पर हमला बोला है. भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कैबिनेट के परीक्षा रद्द करने के फैसले की मंशा पर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि महज परीक्षा रद्द कर देना समस्या का हल नहीं है, बल्कि यह छात्रों को भटकाने की एक सोची-समझी रणनीति है. बाबूलाल मरांडी के अनुसार, छात्रों की मुख्य मांग शुरू से ही पूरे मामले की सीबीआई (CBI) जांच की रही है, लेकिन सरकार इससे लगातार भाग रही है.
कोर्ट का सहारा लेकर दोनों हाथों में लड्डू चाहती है सरकार
बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि सरकार टीडीपीएल (TDPL) कंपनी की परीक्षाओं और जेएसएससी सीजीएल (JSSC CGL) को रद्द कर अपनी पीठ थपथपाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी चाल चल रही है जिससे वह एक तरफ छात्रों को शांत रख सके और दूसरी तरफ मामला कोर्ट में जाने पर कानूनी प्रक्रिया की आड़ ले सके. मरांडी ने सीआईडी (CID) की पूर्व जांचों पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य की जांच एजेंसियां केवल सच को दबाने और असली दोषियों व बिचौलियों को बचाने का काम कर रही हैं.
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JSSC चेयरमैन, CID अफसरों और राहुल गांधी पर साधा निशाना
झारखंड के नेता प्रतिपक्ष ने जेएसएससी (JSSC) चेयरमैन और जांच में शामिल CID अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की. उन्होंने कहा कि साल 2024 से लगातार विवादों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. इसके साथ ही बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि झारखंड सरकार में साझेदार होने के कारण वे युवाओं के मुद्दे पर पूरी तरह खामोश हैं. उन्होंने कहा कि जब तक सीबीआई जांच के आदेश नहीं दिए जाते, तब तक भाजपा युवाओं के हक के लिए सड़क से लेकर सदन तक लड़ाई जारी रखेगी.
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