JPSC Result: जेपीएससी मुख्य परीक्षा के रिजल्ट में देरी पर भाजपा ने उठाये सवाल

JPSC Result News: जेपीएससी मुख्य परीक्षा का परिणाम देरी से जारी करने पर भाजपा ने सवाल खड़े किये हैं. भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कहा है कि ईडब्ल्यूएस एवं अन्य श्रेणियां में भी आरक्षण का प्रावधान है, लेकिन जेपीएससी ने बिल्कुल सपाट तरीके से किसी लॉटरी के परिणाम की तरह परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है. प्रतुल ने कहा कि अगर आरक्षण की श्रेणीवार कोटा को स्पष्ट करते हुए जेपीएससी परिणाम निकालता, तो सिस्टम में पारदर्शिता दिखती.

JPSC Result News: झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन (जेपीएससी) मुख्य परीक्षा का परिणाम 11 महीने की देरी से जारी करने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सवाल खड़े किये हैं. भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने शनिवार को प्रदेश मुख्यालय में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए जेपीएससी के द्वारा मुख्य परीक्षा के परिणाम पर कहा कि आयोग वेबसाइट पर लिखता है कि उसका उद्देश्य निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया को बढ़ावा देना है. भारत के संविधान का आर्टिकल 15 एवं 16 एससी, एसटी,ओबीसी वर्गों को आरक्षण की सुविधा प्रदान करता है.

कई श्रेणियों में है आरक्षण का प्रावधान – प्रतुल

उन्होंने कहा कि ईडब्ल्यूएस एवं अन्य श्रेणियां में भी आरक्षण का प्रावधान है, लेकिन जेपीएससी ने बिल्कुल सपाट तरीके से किसी लॉटरी के परिणाम की तरह परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है. इससे यह पता नहीं चल पा रहा कि अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति एससी (एसटी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) एवं अन्य आरक्षित वर्गों को निर्धारित कोटा मिला या नहीं, ढाई गुना से ज्यादा विद्यार्थियों को इंटरव्यू में बुलाने की प्रक्रिया का पालन हुआ या नहीं.

आरक्षण की श्रेणी के आधार पर जारी हो JPSC Result

प्रतुल ने कहा कि अगर आरक्षण की श्रेणीवार कोटा को स्पष्ट करते हुए जेपीएससी परिणाम निकालता, तो सिस्टम में पारदर्शिता दिखती. प्रतुल ने कहा की श्रेणीवार परिणाम निकालने से उम्मीदवारों को भी स्पष्ट होता कि उनकी मेरिट में क्या स्थिति है.

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कार्मिक विभाग के नोटिफिकेशन में स्पष्ट हैं ये बातें

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कार्मिक विभाग ने 19 दिसंबर, 2023 को गजट नोटिफिकेशन में झारखंड कंबाइंड सिविल सर्विस एग्जामिनेशन रूल्स 2023 को लागू किया था. इस अधिसूचना में ही स्पष्ट कर दिया गाय है कि अलग-अलग वर्गों के लिए अलग-अलग कटऑफ मार्क्स होगा. इसमें एससी, एसटी, महिलाएं ,अति पिछड़ा वर्ग एनेक्सचर-1, पिछड़ा वर्ग एनेक्सचर-2 ,आदिम जनजाति और ईडब्ल्यूएस शामिल हैं.

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जेपीएससी के रिजल्ट में किसी श्रेणी का उल्लेख नहीं

प्रतुल शाह देव ने कहा कि इसी अधिसूचना में यह भी स्पष्ट है कि मुख्य परीक्षा के लिखित परिणाम में हर कैटेगरी के ढाई गुना से ज्यादा अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जायेगा. आवश्यकता पड़ने पर कटऑफ मार्क्स को भी कम करने का प्रावधान है. इसके विपरीत, जेपीएससी द्वारा प्रकाशित रिजल्ट में किसी भी श्रेणी का उल्लेख नहीं है, जो संदेह पैदा करता है. प्रतुल ने कहा कि परीक्षा परिणाम से यह भी संदेह उत्पन्न होता है कि क्या आरक्षित वर्गों को उनका हक मिल पाया है? या इस बार भी झारखंड से बाहर के लोगों का सेलेक्शन हो गया है.

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जेपीएससी रिजल्ट का सरकार भी ले संज्ञान – भाजपा

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सरकार को इस मुद्दे पर संज्ञान लेना चाहिए. जेपीएससी को भी चाहिए कि वह अविलंब श्रेणीवार परीक्षा परिणाम प्रकाशित करें. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं होात है, तो एक बार फिर जेपीएससी का आचरण संदेह के घेरे में आ जायेगा. आज की प्रेस वार्ता में सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाइक भी उपस्थित थे.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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