हड़ताल कर रहे छात्रों को झटका, झारखंड हाईकोर्ट ने जेपीएससी मेंस की परीक्षा पर रोक लगाने से किया इनकार

जेपीएससी पीटी रिजल्ट में गड़बड़ी मामले पर हड़ताल पर बैठे छात्रों को झारखंड हाईकोर्ट ने झटका देते हुए मेंस की परीक्षा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. साथ ही साथ मॉडल उत्तर के गलत होने के मामले में जेपीएससी को तीन सप्ताह के अंदर जवाब दायर करने का निर्देश दिया.

रांची : झारखंड हाइकोर्ट ने सातवीं से 10वीं जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा मुख्य परीक्षा पर रोक लगाने संबंधी अंतरिम आदेश देने से फिलहाल इनकार कर दिया. हाइकोर्ट ने पीटी के आठ प्रश्नों के मॉडल उत्तर के गलत होने के मामले में जेपीएससी को तीन सप्ताह के अंदर जवाब दायर करने का निर्देश दिया. साथ ही मौखिक रूप से अदालत ने प्रार्थी से कहा कि वह चाहे, तो मुख्य परीक्षा पर रोक लगाने के बिंदु पर अलग से याचिका दायर कर सकता है.

मामले की अगली सुनवाई के लिए तीन सप्ताह के बाद की तिथि निर्धारित करने को कहा. बुधवार को हाइकोर्ट के जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने पीटी रिजल्ट को रद्द करने, मुख्य परीक्षा के फार्म भरने व परीक्षा आयोजन पर रोक लगाने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए उक्त निर्देश दिया. इससे पूर्व प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता राजेश कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पक्ष रखते हुए अदालत को बताया कि प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) के बी सीरिज के आठ प्रश्नों का मॉडल आंसर गलत है.

जेपीएससी ने बी सीरिज के पेपर-वन में छह जैसे प्रश्न संख्या- तीन, सात, नाै, 49, 67, 77 आैर बी सीरिज के ही पेपर-टू के प्रश्न संख्या जैसे 53 व 54 प्रश्नों का गलत उत्तर दिया है. उन्होंने कहा कि जेपीएससी विषयवार एक्सपर्ट कमेटी का गठन करे तथा रिजल्ट निरस्त कर फ्रेश रिजल्ट जारी करे, तब तक मुख्य परीक्षा के आयोजन पर रोक लगाने के लिए अंतरिम आदेश देने का आग्रह किया, जिसे अदालत ने स्वीकार नहीं किया.

Posted by : Sameer Oraon

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Published by: Prabhat khabar news desk

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