रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली के मामले में CID ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में JPSC की उप-परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक रामवीर सिंह, पोड़ैयाहाट के BSO अभय कुमार तिवारी, मो. उस्मान और मो. एबाद शामिल हैं. सभी को 22 जुलाई 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
JPSC कार्यालय समेत कई जगहों पर छापेमारी
राज्य सरकार के निर्देश पर CID ने रांची पुलिस के सहयोग से JPSC कार्यालय समेत राज्य के कई ठिकानों पर छापेमारी की. कार्रवाई के दौरान जांच एजेंसी ने कई अहम साक्ष्य जुटाए. मामले की गंभीरता को देखते हुए CID थाने में केस भी दर्ज कर लिया गया है.
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कड़े कानूनों के तहत दर्ज हुआ केस
CID ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के अलावा 'झारखंड प्रतियोगिता परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम एवं निवारण के उपाय) अधिनियम-2023' के तहत भी मामला दर्ज किया है. इन कानूनों के तहत दोषियों पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है.
जांच जारी, और भी हो सकती है कार्रवाई
CID अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच तेजी से जारी है. जांच के दौरान यदि नए साक्ष्य या अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
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