रांची: नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की भर्ती परीक्षाओं में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि दोनों आयोगों के माध्यम से खुलेआम नौकरियां बेची गईं और इससे राज्य के युवाओं का भविष्य दांव पर लगा दिया गया.
सोमवार को जारी बयान में श्री मरांडी ने मांग की कि जेपीएससी और जेएसएससी के अध्यक्ष, सचिव और परीक्षा नियंत्रक को तत्काल बर्खास्त किया जाए. साथ ही उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर अविलंब गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए. उन्होंने पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की भी मांग की.
नेपाल, बिहार और बंगाल ले जाकर रटवाए गए प्रश्न : मरांडी
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि दलालों ने परीक्षार्थियों को नेपाल, बिहार और पश्चिम बंगाल ले जाकर 135 से 150 प्रश्न रटवाए थे. उन्होंने दावा किया कि इनमें से करीब 120 प्रश्न हूबहू परीक्षा में पूछे गए. उनके अनुसार, परीक्षा केंद्रों पर इंटरनेट सेवा बंद कराकर इस पूरी कथित धांधली को अंजाम दिया गया.
आचार्य नियुक्ति परिणाम पर भी उठाए सवाल
बाबूलाल मरांडी ने जेएसएससी की आचार्य नियुक्ति प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि 26 हजार आचार्यों का परिणाम एक साथ जारी करने के बजाय टुकड़ों में जारी किया गया. उन्होंने कहा कि ऐसा पैसों की कथित सेटिंग के कारण किया गया.
उन्होंने कहा कि यदि पैसे देकर नौकरियां हासिल करने की प्रवृत्ति जारी रही तो आने वाले वर्षों में इसका खामियाजा पूरे राज्य को भुगतना पड़ेगा. उन्होंने कहा,
'जो लोग आज पैसे देकर नौकरी खरीदेंगे, वे अगले 30 वर्षों तक झारखंड को लूटकर खोखला कर देंगे. यह झारखंड के भविष्य को बचाने की लड़ाई है.'
सीआईडी जांच पर भी उठाए सवाल
मरांडी ने जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सीआईडी की तत्कालीन अधिकारियों संध्या रानी और निधि पांडेय की शुरुआती जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही थी. उन्होंने दावा किया कि इसकी पुष्टि एक पुरानी डायरी से होती है, लेकिन सच्चाई सामने आने से रोकने के लिए जांच टीम ही बदल दी गई.
उन्होंने सीआईडी के एडीजी मनोज कौशिक की नियुक्ति पर भी आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया कि ऐसे अधिकारियों के माध्यम से अपराधियों को संरक्षण दिया जा रहा है.
छात्रों से समर्थन की अपील
नेता प्रतिपक्ष ने झारखंडवासियों से अपील की कि वे भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए छात्रों का तन, मन और धन से साथ दें.
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