झामुमो ने किसानों को बिना ब्याज कृषि ऋण देने का किया ऐलान, जारी किया अधिकार पत्र

JMM Manifesto: झामुमो ने विधानसभा चुनाव के लिए अपना अधिकार पत्र (JMM Manifesto) जारी कर दिया है. किसानों को बिना ब्याज कृषि ऋण देने का वादा किया है.

JMM Manifesto: झारखंड मुक्ति मोर्चा ने विधानसभा चुनाव 2024 के लिए अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है. सोमवार को जारी 22 पेज के इस घोषणा पत्र में किसानों के लिए बड़ा वादा किया गया है. झामुमो ने कहा है कि किसानों को बिना ब्याज के कृषि ऋण दिया जाएगा. खेतिहर मजदूरों के लिए भी कई वायदे झामुमो के इस मेनिफेस्टो में हैं. मेनिफेस्टो को पार्टी ने ‘अधिकार पत्र’ नाम दिया है.

झामुमो के ‘अधिकार पत्र’ में इन क्षेत्रों के लिए हैं घोषणाएं

झामुमो सुप्रीमो दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने सोमवार को ‘अधिकार पत्र’ जारी किया. इसमें झारखंड एवं झारखंड के स्थानीय लोगों के अधिकार की बात की गई है, तो कृषि, किसान एवं खेतिहर मजदूर, शिक्षा एवं रोजगार, महिलाओं के अधिकार, स्वास्थ्य, खाद्य एवं सामाजिक सुरक्षा, उद्योग, शहर एवं पर्यटन, राज्यकर्मी एवं अनुबंधकर्मी के साथ-साथ खेलकूद से जुड़े लोगों के लिए भी घोषणाएं की गईं हैं.

झामुमो के घोषणा पत्र में किसानों को 0 ब्याज पर कृषि ऋण देने की घोषणा.

भूमिहीनों का जाति, आवासीय बनाने की प्रक्रिया होगी आसान

जेएमएम के अधिकार पत्र में सबसे पहले झारखंड एवं झारखंड के स्थानीय लोगों के अधिकार की बात की गई है. इसके ऊपर ही लिखा है- हम झारखंडियों की यही पहचान 1932 का खतियान, हम झारखंडियों की यही पहचान 1932 का खतियान. झामुमो ने भूमिहीन दलितों और विस्थापितों के जाति/आवासीय प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया को सरल करने का वादा किया है. साथ ही कहा है कि सरकार बनने के 6 महीने के अंदर सभी आवेदकों को प्रमाण पत्र दिया जाएगा.

पिछड़ों को 27 और आदिवासियों को 28 प्रतिशत आरक्षण का वादा

‘अधिकार पत्र’ में पिछड़ों को 27 फीसदी, आदिवासियों को 28 फीसदी और दलितों को 12 फीसदी आ्रक्षण देने की बात कही गई है. कहा गया है कि झामुमो की सरकार बनने पर भूमि अधिग्रहण कानून (झारखंड) संशोधन 2017 और लैंड बैंक नीति को रद्द किया जाएगा. राज्य में पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्रालय का गठन करने का भी वादा किया गया है.

मंईयां सम्मान, 25 लाख से अधिक अबुआ आवास के निर्माण का वादा

अधिकार पत्र में दिसंबर 2024 से हर वयस्क महिला को झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत प्रति माह 2500 रुपए देने की बात कही है. अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के के जरिए 15 लाख रुपए तक के नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था की जाएगी. खाद्य एवं सामाजिक सुरक्षा के तहत 25 लाख से अधिक अबुआ आवास का निर्माण झारखंड में किया जाएगा.

झामुमो का वादा – झारखंड में होगी स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना

राज्यकर्मियों की पुरानी पेंशन को सुरक्षित रखते हुए उनके एनपीएस खाते में जमा राशि को केंद्र सरकार से वापस लाने के लिए कदम उठाने का भी वादा झारखंड मुक्ति मोर्चा के ‘अधिकार पत्र’ में किया गया है. झारखंड में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना की भी बात इस ‘अधिकार पत्र’ में की गई है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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