VIDEO: झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में नियोजन नीति, स्थानीय नीति पर तकरार के आसार

सरकार 1932 आधारित स्थानीय नीति, नियोजन नीति समेत कई विधेयकों, जिसे राजभवन से लौटाया जा चुका है, उसके बहाने जनता में संदेश देने की कोशिश करेगी कि उसे जनहित में काम नहीं करने दिया जा रहा है. वहीं, बीजेपी हेमंत सोरेन सरकार को उसी के विषय नियोजन नीति और स्थानीय नीति पर घेरने की कोशिश करेगी.

झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र शुक्रवार (28 जुलाई) से शुरू हो गया. सत्र के पहले ही दिन विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इस बात के संकेत दे दिये कि इस बार का सत्र हंगामेदार होने वाला है. सरकार 1932 आधारित स्थानीय नीति, नियोजन नीति समेत कई विधेयकों, जिसे राजभवन से लौटाया जा चुका है, उसके बहाने जनता में संदेश देने की कोशिश करेगी कि उसे जनहित में काम नहीं करने दिया जा रहा है. वहीं, बीजेपी हेमंत सोरेन सरकार को उसी के विषय नियोजन नीति और स्थानीय नीति पर घेरने की कोशिश करेगी. इसकी वजह से सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच हंगामा होने के आसार नजर आ रहे हैं. विपक्ष हाल में झारखंड की राजधानी रांची में सीपीएम के युवा नेता सुभाष मुंडा की गोली मारकर हत्या, गिरिडीह जिले में एक महिला को निर्वस्त्र कर उसको रात भर पेड़ से बांधे जाने समेत अपराध और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी कर चुकी है. इस वीडियो में देखिए कि झारखंड विधानसभा का यह सत्र कैसा होने वाला है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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