रांची से सतीश कुमार की रिपोर्ट
Rajya Sabha Elections: झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों पर होने वाले आगामी चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गयी है. भाजपा के पास जीत के लिए पूर्ण बहुमत के जरूरी आंकड़े नहीं हैं. इसके बावजूद पार्टी ने इस चुनाव में अपना प्रत्याशी उतारने का रणनीतिक फैसला लिया है. राज्यसभा सीट पर पहली वरीयता की जीत दर्ज करने के लिए कम से कम 28 वोटों की आवश्यकता है, जबकि वर्तमान में एनडीए गठबंधन के पास कुल 24 विधायक ही हैं.
हो चुकी है प्रदेश चुनाव समिति की बैठक
इस चुनावी रणनीति को लेकर प्रदेश चुनाव समिति की महत्वपूर्ण बैठक भी हो चुकी है, जिसमें प्रत्याशियों के संभावित नामों पर विस्तृत चर्चा की गयी. चुनाव समिति ने अंतिम चयन व केंद्रीय नेतृत्व को तीन संभावित उम्मीदवारों के नाम भेजने के लिए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह को सर्वसम्मति से अधिकृत किया है.
संगठन के चेहरों पर केंद्रीय नेतृत्व का भरोसा
इधर, राज्यसभा के लिए भाजपा उम्मीदवार को लेकर राजनीतिक गलियारों में कयासबाजी तेज हो गयी है. राज्य गठन के बाद से अब तक झारखंड से भाजपा के कुल 14 सांसद राज्यसभा की दहलीज तक पहुंचे हैं. आंकड़ों के विश्लेषण से स्पष्ट है कि पिछले 10 वर्षों में भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने झारखंड में पार्टी के मूल प्रदेश पदाधिकारियों पर विशेष भरोसा जताया है और उन्हें उच्च सदन भेजने का काम किया है. इसकी शुरुआत वर्ष 2016 में हुई, जब भाजपा से दो उम्मीदवार जीतकर राज्यसभा पहुंचे थे, जिनमें तत्कालीन प्रदेश कोषाध्यक्ष महेश पोद्दार शामिल थे. इसके बाद संगठन की पृष्ठभूमि से आने वाले पदाधिकारियों समीर उरांव, दीपक प्रकाश, आदित्य साहू और हाल ही में प्रदीप वर्मा को राज्यसभा भेजा गया.
अहलुवालिया को मिला दो बार मौका
झारखंड राज्य के गठन के बाद से एसएस अहलुवालिया ही भाजपा के एकमात्र ऐसे नेता रहे हैं, जिन्हें झारखंड कोटे की सीट से दो बार राज्यसभा जाने का गौरव प्राप्त हुआ है. इसके अलावा, भाजपा ने समय-समय पर झारखंड से कई बाहरी व केंद्रीय स्तर के बड़े चेहरों को भी राज्यसभा भेजा है. इनमें प्रख्यात पत्रकार एमजे अकबर, जेपीएन सिंह, एसएस अहलुवालिया और पूर्व केंद्रीय मंत्री मोख्तार अब्बास नकवी जैसे दिग्गजों के नाम शामिल हैं.
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झारखंड की सीट से राज्यसभा जाने वाले भाजपा सांसद
- एसएस अहलुवालिया: 03 अप्रैल 2000 से 02 अप्रैल 2006
- अभय कांत प्रसाद: 05 जून 2002 से 07 जुलाई 2004
- अजय मारू: 10 अप्रैल 2002 से 09 अप्रैल 2008
- देवदास आप्टे: 02 जुलाई 2002 से 09 अप्रैल 2008
- यशवंत सिन्हा: 08 जुलाई 2004 से 16 मई 2009
- एसएस अहलुवालिया: 03 अप्रैल 2006 से 02 अप्रैल 2012
- जेपीएन सिंह: 10 अप्रैल 2008 से 09 अप्रैल 2014
- एमजे अकबर: 03 जुलाई 2015 से 29 जून 2016
- महेश पोद्दार: 08 जुलाई 2016 से 07 जुलाई 2022
- मुख्तार अब्बास नकवी: 08 जुलाई 2016 से 07 जुलाई 2022
- समीर उरांव: 04 मई 2018 से 03 मई 2024
- दीपक प्रकाश: 22 जून 2020 से 21 जून 2026
- आदित्य साहू: 08 जुलाई 2022 से सात जुलाई 2028
- प्रदीप वर्मा: चार मई 2024 से तीन मई 2030
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