Jharkhand Rajya Sabha Election, रांची : झारखंड में राज्यसभा की खाली हो रही सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर चुनावी सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है. मतदान में अब महज 3 दिन का वक्त बचा है, जिसे देखते हुए सभी राजनीतिक दलों ने अपनी गोटियां बिछानी और किलेबंदी तेज कर दी है. इस चुनावी रण में मुख्य रूप से झामुमो (JMM) उम्मीदवार बैजनाथ राम, कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा और भाजपा (BJP) समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवाणी के बीच मुकाबला दिलचस्प हो चला है. अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा लगातार महागठबंधन के घटक दलों और शीर्ष नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं. इसी सिलसिले में शनिवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की एक टीम, जिसमें प्रदेश प्रभारी के राजू, सांसद डॉ. सैयद नसीर हुसैन और विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की. इस उच्चस्तरीय मुलाकात के दौरान नेताओं ने मुख्यमंत्री से कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में मजबूत समर्थन मांगा, साथ ही राज्य के विकास से जुड़े कई गंभीर मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा की.
प्रणव झा को मिला सीपीआईएमएल का साथ
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और प्रत्याशी प्रणव झा पिछले दो दिनों से झारखंड में ही डेरा डाले हुए हैं और लगातार विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ बैठकें कर रहे हैं. इसी कड़ी में वे रविवार को सीपीआईएमएल (CPIML) की झारखंड इकाई की एक महत्वपूर्ण बैठक में विशेष रूप से शामिल हुए. बैठक के दौरान उन्होंने राज्यसभा चुनाव में अपने पक्ष में मतदान करने और समर्थन देने की अपील की. इस पर सीपीआईएमएल के शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें पूरी तरह आश्वस्त करते हुए कहा कि वे हर परिस्थिति में इंडिया गठबंधन के साथ मजबूती से खड़े हैं. इससे पहले मुख्यमंत्री आवास पर भी इंडिया गठबंधन की एक साझा बैठक हो चुकी है, जहां सीएम हेमंत सोरेन ने महागठबंधन के सभी विधायकों को हर हाल में एकजुट रहने और किसी भी तरह के प्रलोभन में न आने की सख्त अपील की थी.
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संख्या बल का गणित: झामुमो के बैजनाथ राम की जीत तय
अगर इस राज्यसभा चुनाव के गणित और संख्या बल पर नजर डालें, तो यदि किसी भी दल में क्रॉस वोटिंग नहीं होती है, तो इंडिया गठबंधन के पास अपने उम्मीदवारों को जिताने के लिए कुल 56 वोटों का एक बहुत ही मजबूत और पर्याप्त आंकड़ा मौजूद है. इस गठबंधन में सबसे अधिक वोट सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के पास हैं, जिसके पास कुल 34 विधायक हैं. इस विशाल संख्या बल के कारण झामुमो के उम्मीदवार बैजनाथ राम की जीत लगभग तय मानी जा रही है. असली और कांटे का मुकाबला दूसरी सीट के लिए कांग्रेस के प्रणव झा और एनडीए समर्थित परिमल नाथवाणी के बीच है. कांग्रेस के पास वर्तमान में अपने 16 विधायक हैं, जबकि सहयोगी राजद (RJD) के पास 04 और लेफ्ट (Left) के पास 02 विधायक हैं. दूसरी तरफ, विपक्ष यानी एनडीए खेमे के पास कुल 24 विधायकों का समर्थन हासिल है. ऐसे में भाजपा समर्थित प्रत्याशी परिमल नाथवाणी को अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए महज 4 अतिरिक्त विधायकों के वोटों की जरूरत है, जिससे मुकाबले में सस्पेंस और हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका बढ़ गई है.
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