Jharkhand Rajya Sabha Election, रांची: झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों पर 18 जून को होने वाले चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गयी है. शनिवार को पश्चिम बंगाल के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा से मुलाकात की. इधर कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा ने अपना जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया है. प्रणव झा लगातार महागठबंधन के घटक दलों के विधायकों से मुलाकात कर अपने पक्ष में मतदान करने की अपील कर रहे हैं. वहीं, कांग्रेस आलाकमान के बड़े नेता भी सहयोगी दलों के शीर्ष नेतृत्व के साथ लगातार संपर्क में हैं. राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस गंभीर है.
कांग्रेस प्रभारी और चुनाव पर्यवेक्षक कल पहुंच रहे हैं रांची
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के राजू और चुनाव पर्यवेक्षक अजय शर्मा 14 जून को रांची पहुंच रहे हैं. पार्टी सूत्रों के मुताबिक 15 जून को एक अहम बैठक बुलायी गयी है. इस बैठक में घटक दलों के सभी विधायकों की एकजुटता बनाये रखने और क्रास वोटिंग रोकने को लेकर अंतिम रणनीति तैयार की जायेगी. नामांकन पत्रों की स्क्रूटनी (जांच) और नाम वापसी की समय सीमा समाप्त होने के बाद अब मैदान में तीन प्रत्याशी बचे हैं. इसमें झामुमो प्रत्याशी बैजनाथ राम, कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा व निर्दलीय व भाजपा समर्थित परिमल नाथवाणी शामिल हैं.
जीत दर्ज करने के लिए 28 मतों की जरूरत
राज्यसभा चुनाव में एक सीट पर जीत दर्ज करने के लिए प्रथम वरीयता के 28 मतों की आवश्यकता है. इस गणित के हिसाब से झामुमो प्रत्याशी बैजनाथ राम की जीत तय मानी जा रही है. दोनों सीटों पर जीत दर्ज करने के लिए महागठबंधन को कुल 56 मतों की जरूरत है, जो उनके पास पूरी तरह मौजूद है. इसमें झामुमो के 34, कांग्रेस के 16, राजद के चार और माले के दो विधायक शामिल हैं. अगर घटक दल एकजुट रहते हैं, तो दोनों सीटों पर इंडिया गठबंधन का कब्जा तय है. दूसरी तरफ, भाजपा और एनडीए समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवाणी के पास फिलहाल कुल 24 मत हैं. जीत की दहलीज (28 मत) तक पहुंचने के लिए उन्हें चार और अतिरिक्त मतों की जरूरत पड़ेगी. ऐसे में एनडीए की नजरें विपक्षी खेमे में नाराज विधायकों पर टिकी हुई है.
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