रांची : जेपीएससी और जेएससीए भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो द्वारा निकाली जा रही 'भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा' पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने पलटवार किया है. झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय ने बयान जारी कर कहा कि राज्य सरकार युवाओं और छात्रों के भविष्य को लेकर पूरी तरह गंभीर है और भर्ती प्रक्रियाओं में आवश्यक सुधार किए जा रहे हैं.
सरकार गंभीर, उच्चस्तरीय समिति का किया गया है गठन
झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार ने भर्ती व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति (High-Level Committee) का गठन किया है. राज्य के अभ्यर्थियों और छात्रों को अपनी सरकार पर पूरा भरोसा है कि वह उनके हितों की रक्षा कर रही है और लगातार ठोस कदम उठा रही है. उन्होंने देवेंद्र नाथ महतो द्वारा उठाए गए कदम पर गंभीर प्रश्न चिन्ह खड़े किये हैं.
'राजनीति कम और नाटक ज्यादा लग रहा है'
झामुमो नेता ने देवेंद्र महतो के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब सरकार छात्रों के हित में लगातार काम कर रही है और सुधार प्रक्रिया जारी है, तब देवेंद्र महतो को इस मुद्दे पर राजनीति करने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है? उन्होंने कहा कि उनकी यह यात्रा "राजनीति कम और नाटक ज्यादा" प्रतीत होती है. झामुमो प्रवक्ता ने सलाह दी कि यदि वे वास्तव में छात्रों के हितैषी हैं, तो उन्हें सरकार को सकारात्मक सुझाव देने चाहिए, न कि आंदोलन के नाम पर राजनीति करनी चाहिए.
क्या है पूरा मामला
दरअसल जेएलकेएम के उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो ने जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर रामगढ़ के नेमरा से भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा निकालने का ऐलान किया था. जब इसकी शुरुआत उन्होंने नेमरा से करने की कोशिश तो उन्हें ग्रामीणों का भारी विरोध झेलना पड़ा. जिसके बाद देवेंद्र नाथ महतो और उसकी टीम शिबू सोरेन की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर आगे बढ़ गई. रामगढ़ के नेमरा से शुरू हुई ये यात्रा राज्य के हर जिले में पहुंचेगी.
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