झारखंड में एएसडीडी वोटर लिस्ट पर कांग्रेस पहुंची चुनाव आयोग, 'लापता' मतदाताओं की संख्या पर उठाए सवाल

झारखंड में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत तैयार की जा रही एएसडीडी सूची में मतदाताओं की संख्या में हो रही बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस ने गंभीर चिंता व्यक्त की है. पार्टी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से मुलाकात कर इन्यूमरेशन फेज और नोटिस प्रक्रिया की समय-सीमा बढ़ाने की मांग की है.

रांची से आनंद मोहन की रिपोर्ट

Jharkhand Politics News, रांची : झारखंड में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत तैयार की जा रही एएसडीडी (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट) सूची में मतदाताओं की संख्या में हो रही बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस ने गंभीर चिंता व्यक्त की है. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के नेतृत्व में पार्टी नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल रांची में राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) के. रवि कुमार से मिला. नेताओं ने एएसडीडी सूची की मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए इन्यूमरेशन फेज के साथ-साथ नोटिस और सुनवाई प्रक्रिया की समय-सीमा बढ़ाने की मांग की. वार्ता के दौरान सीईओ की ओर से भरोसा दिलाया गया कि 5 अगस्त के बाद चुनाव आयोग से कम से कम 15 दिनों का अतिरिक्त समय बढ़ाने की सिफारिश की जाएगी.

'लापता' मतदाताओं की संख्या पर उठाए सवाल

सीईओ को ज्ञापन सौंपते हुए कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि एएसडीडी सूची में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिसमें 'लापता' श्रेणी के मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक चिंताजनक है. रांची, हटिया, कांके, धनबाद, बोकारो और जमशेदपुर पश्चिम जैसे प्रमुख शहरी और अर्ध-शहरी विधानसभा क्षेत्रों में ऐसे मतदाताओं की संख्या 75 हजार से लेकर 1.15 लाख तक पहुंच गई है. पार्टी ने सवाल उठाया कि जब राज्य में डिजिटाइजेशन का कार्य काफी संतोषजनक स्थिति में है, तब अनुपस्थित श्रेणी में इतनी बड़ी संख्या का दर्ज होना प्रशासनिक प्रक्रिया पर कई सवाल खड़े करता है.

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अनमैपिंग सूची न आने से बढ़ा दबाव

कांग्रेस नेताओं ने यह भी ध्यान दिलाया कि देवघर और दुमका सहित संताल परगना के आसपास के जिलों में विश्वप्रसिद्ध बाबाधाम सावन मेले की शुरुआत हो चुकी है, जिससे आम जनता के साथ-साथ स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था भी व्यस्त है. इसके अलावा, कई क्षेत्रों से ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) मतदाताओं से फॉर्म लेने के बाद हस्ताक्षर करके पावती रसीद नहीं दे रहे हैं. पार्टी का कहना था कि एएसडीडी सूची का दायरा काफी बड़ा होने और अभी तक अनमैपिंग सूची का प्रकाशन न होने के कारण आम मतदाताओं पर बेवजह का दबाव और भ्रम की स्थिति बन रही है. इस प्रतिनिधिमंडल में महासचिव सूर्यकांत शुक्ला, लाल किशोर नाथ शाहदेव, लाल प्रेम प्रकाश नाथ शाहदेव, सुनील सिंह और राजेश चंद्र राजू सहित कई प्रमुख नेता शामिल थे.

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By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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