राशन कालाबाजारी पर कसेगा शिकंजा, झारखंड के सभी जिलों में हर माह जांच करेंगे 9 नोडल अफसर

Jharkhand PDS Monitoring: झारखंड में जन वितरण प्रणाली (PDS) और सप्लाई चेन को दुरुस्त करने के लिए खाद्य विभाग ने सभी 24 जिलों के लिए मुख्यालय के 9 वरीय पदाधिकारियों को नामित किया है. ये अधिकारी हर महीने जिलों का दौरा कर राशन वितरण, गोदामों और ई-पॉस मशीनों की जांच करेंगे और 2 दिनों में सचिव को रिपोर्ट सौंपेंगे. पूरी रिपोर्ट पढ़ें.

रांची से सतीश सिंह की रिपोर्ट

Jharkhand PDS Monitoring, रांची : झारखंड में जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) व आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) की व्यवस्था को पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए सरकार ने ठोस कदम उठाया है. खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने राज्य के सभी 24 जिलों की सघन निगरानी और समीक्षा के लिए मुख्यालय के वरीय पदाधिकारियों को नामित किया है. ये अधिकारी अब हर महीने अपने आवंटित जिलों का अनिवार्य रूप से दौरा करेंगे और पूरी व्यवस्था की ग्राउंड रिपोर्ट सीधे विभागीय सचिव को सौंपेंगे.

जांच के लिए चेक लिस्ट जारी, इन बिंदुओं पर रहेगा फोकस

विभागीय आदेश के अनुसार इस कदम का मुख्य उद्देश्य राशन वितरण में पारदर्शिता लाना और कालाबाजारी पर रोक लगाना है. निरीक्षण के दौरान अधिकारी मुख्य रूप से जिलों में खाद्यान्न (चावल-गेहूं) के साथ-साथ नमक, चना दाल, चीनी और कल्याणकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली धोती, लुंगी एवं साड़ी के उठाव, परिवहन और वितरण की गहन समीक्षा करेंगे. आपूर्ति श्रृंखला को परखने के लिए अधिकारी भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के कम से कम एक डिपो और राज्य खाद्य निगम (जेएसएफसी) के एक प्रखंड स्तरीय गोदाम का भौतिक निरीक्षण करेंगे. साथ ही हर महीने कम से कम दो जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकानों की कार्यप्रणाली, ई-पॉस मशीन की स्थिति और खाद्यान्न की उपलब्धता की जांच की जायेगी.

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गोदामों में खाद्यान्न रख-रखाव पर विशेष निगरानी

गोदामों में खाद्यान्न के रख-रखाव की स्थिति, स्टॉक पंजी (रजिस्टर) का सही संधारण और दुकानों पर सूचना पट्ट जैसी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने एक विस्तृत चेक लिस्ट जारी की है, जिसके आधार पर ही रिपोर्ट तैयार होगी. निरीक्षण समाप्त होने के महज दो दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट विभागीय सचिव को समर्पित करना अनिवार्य होगा. इसके साथ ही राज्य के सभी जिला आपूर्ति पदाधिकारियों (डीएसओ)-सह-जिला प्रबंधकों को निर्देश दिया गया है कि वे निरीक्षण के दौरान जांच पदाधिकारी को मौके पर मौजूद रहकर पूरा सहयोग प्रदान करेंगे.

किस अधिकारी को कहां का जिम्मा

पदाधिकारी का नाम व पद आवंटित जिले
सत्येंद्र कुमार, प्रबंध निदेशक, जेएसएफसी- रांची, गिरिडीह व देवघर
दिलीप तिर्की निदेशक, खाद्य एवं उपभोक्ता मामले- धनबाद, जामताड़ा व दुमका
दीपक कुमार, संयुक्त सचिव – गुमला, सिमडेगा व खूंटी
राम कृष्ण कुमार, उप सचिव- हजारीबाग व कोडरमा
जेसी विनीता केरकट्टा, उप सचिव- रामगढ़ व बोकारो
सुशील कुमार, उप सचिव- लोहरदगा, चतरा व लातेहार
सुधीर कुमार, उप निदेशक- साहिबगंज, गोड्डा व पाकुड़
संजय कुमार, अवर सचिव- पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम व सरायकेला-खरसावां
लालो प्रसाद कुशवाहा, अवर सचिव- गढ़वा व पलामू

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Published by: Sameer Oraon

समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

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