हेमंत सोरेन सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- 12 फरवरी को करेंगे झारखंड के DGP की नियुक्ति

प्रधान न्यायाधीश डी वाइ चंद्रचूड़ की पीठ ने बयान पर संज्ञान लिया और झारखंड सरकार और वर्तमान डीजीपी के खिलाफ एक अवमानना याचिका को निस्तारित कर दिया.

झारखंड सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसे यूपीएससी से तीन वरिष्ठ आइपीएस अधिकारियों के नाम मिले हैं. वर्तमान डीजीपी नीरज सिन्हा के पद छोड़ने के बाद 12 फरवरी को उनमें से एक को नये डीजीपी के रूप में नियुक्त किया जायेगा. झारखंड के मौजूदा डीजीपी नीरज सिन्हा 11 फरवरी 2023 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं.

प्रधान न्यायाधीश डी वाइ चंद्रचूड़ की पीठ ने बयान पर संज्ञान लिया और झारखंड सरकार और वर्तमान डीजीपी के खिलाफ एक अवमानना याचिका को निस्तारित कर दिया. याचिका में आरोप लगाया गया है कि सिन्हा 31 जनवरी 2022 को सेवानिवृत्त होने के बाद भी इस पद पर बने हुए हैं. झारखंड सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पीठ को बताया कि यूपीएससी ने पांच जनवरी को तीन नामों का चयन किया था. हम उनमें से एक को 12 फरवरी को नियुक्त करेंगे.

शीर्ष अदालत ने लिया था संज्ञान

पीठ ने कहा, ‘यूपीएससी की ओर से वकील नरेश कौशिक ने कहा कि 30 नवंबर 2022 को यूपीएससी ने झारखंड से पत्राचार किया है, जिसमें डीजीपी के पद के लिए अधिकारियों की सिफारिश करने के प्रस्ताव में पायी गयी कुछ खामियों को दूर किया गया है.’ पीठ ने राज्य सरकार और अन्य के खिलाफ अवमानना याचिका को 16 जनवरी के लिए सूचीबद्ध करते हुए निर्देशित किया था,

‘हम झारखंड राज्य को निर्देश देते हैं कि यूपीएससी द्वारा प्रस्तुत किये गये अनुरोधों पर ध्यान दें और 23 दिसंबर को या उससे पहले अपना जवाब सकारात्मक रूप से प्रस्तुत करें. यूपीएससी इसके बाद नौ जनवरी, 2023 तक निर्णायक कार्रवाई करेगा.’ शीर्ष अदालत झारखंड सरकार और उसके वर्तमान डीजीपी नीरज सिन्हा के खिलाफ एक अवमानना याचिका पर विचार कर रही थी, जिसमें आरोप लगाया गया है कि सिन्हा 31 जनवरी, 2022 को सेवानिवृत्त होने के बाद भी पद पर काबिज हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >