झारखंड निकाय चुनाव: गांव के बाद अब शहरों में सेंध लगाने की तैयारी में JMM, इस फॉर्मूले के तहत हो रहा काम

Jharkhand Municipal Election 2026: झारखंड नगर निकाय चुनाव में झामुमो ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. शहरी क्षेत्रों में भाजपा की पकड़ को चुनौती देने के लिए JMM ने 'एक वार्ड, एक प्रत्याशी' का फॉर्मूला अपनाया है. जानें कैसे वार्ड समितियों के गठन और गठबंधन के समन्वय के साथ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के कामकाज को आधार बनाकर पार्टी चुनावी मैदान में उतर रही है.

Jharkhand Municipal Election 2026, रांची: झारखंड में नगर निकाय चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गयी है. झामुमो इस चुनाव को राज्य सरकार के कामकाज पर जनता की मुहर के रूप में देख रहा है. पार्टी इसे सिर्फ शहरी निकायों की सत्ता का चुनाव नहीं, बल्कि 2024 के बाद बदले राजनीतिक समीकरणों में अपनी पकड़ मजबूत करने का अवसर मान रही है. यही वजह है कि झामुमो ने जमीनी स्तर से लेकर संगठनात्मक ढांचे तक व्यापक तैयारी शुरू कर दी है. झामुमो हर निकाय में पार्टी समर्थित प्रत्याशी देने की रणनीति पर काम कर रहा है.

क्या है झामुमो की प्राथमिकता

झामुमो की प्राथमिकता शहरी क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करना है. लंबे समय से झामुमो को ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों की पार्टी के रूप में देखा जाता रहा है, जबकि शहरी इलाकों में भाजपा और कांग्रेस की पकड़ अधिक रही है. इस बार झामुमो शहरी मतदाताओं के बीच अपनी अलग पहचान बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है. इसके तहत वार्ड स्तर तक पार्टी कमेटियों को सक्रिय किया जा रहा है और नये चेहरों को संगठन में जोड़ा जा रहा है. यही वजह है कि रांची नगर निगम क्षेत्र की सभी 53 वार्ड समितियों का भी गठन कर लिया गया है.

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झामुमो किस तरह के उम्मीदवारों को उतारने पर दे रहा जोर

झामुमो पार्टी नेतृत्व इस बार जिताऊ और स्वीकार्य उम्मीदवारों पर जोर दे रहा है. स्थानीय लोकप्रियता, सामाजिक समीकरण, साफ-सुथरी छवि और संगठन के प्रति निष्ठा को देखा जा रहा है. पार्टी आदिवासी, पिछड़े वर्ग, अल्पसंख्यक और महिला उम्मीदवारों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने की योजना पर भी काम कर रही है, ताकि शहरी समाज के विविध वर्गों को साधा जा सके.

एक वार्ड से पार्टी का एक ही कार्यकर्ता खड़ा हो सकेगा

पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने रांची नगर निगम की वार्ड समितियों के साथ हुई बैठक में स्पष्ट कर दिया था कि यह पार्टी आधारित चुनाव नहीं है. पर, पार्टी चाहती है कि उनके कार्यकर्ता शामिल हों. पर एक वार्ड से एक ही कार्यकर्ता शामिल हो सकता है. इसके लिए जिला व नगर कमेटी को सर्वसम्मति बनाने का दायित्व सौंपा गया है.

मेयर व नगर अध्यक्ष पर जोर

पार्टी इस बार नगर निकाय चुनाव में मेयर व नगर अध्यक्ष पर ज्यादा जोर दे रही है. इसके लिए भी नगर कमेटियों को समन्वय बनाने का निर्देश दिया गया है.

गठबंधन में भी समन्वय की कोशिश

झामुमो गठबंधन की राजनीति को भी ध्यान में रखकर रणनीति बना रहा है. कांग्रेस और राजद के साथ सीट बंटवारे और तालमेल को लेकर अंदरखाने बातचीत चल रही है. पार्टी चाहती है कि महागठबंधन एकजुट होकर चुनाव लड़े, ताकि भाजपा को कड़ी चुनौती दी जा सके. बताया गया कि जल्द ही इस मुद्दे को लेकर एक बैठक इंडिया गठबंधन के घटक दलों के बीच होगी.

झामुमो का शहरी जनाधार बढ़ा है : विनोद पांडेय

झामुमो महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि शहरों में झामुमो का जनाधार बढ़ा है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन व उनके कामकाज के प्रति लोगों की आस्था बढ़ी है. पार्टी समर्थित प्रत्याशी की जीत से पार्टी और मजबूत होगी. जमीनी स्तर पर हमारे कार्यकर्ता पहले से ही काम कर रहे हैं.

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लेखक के बारे में

Published by: Sameer Oraon

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