रांची से मनोज सिंह की रिपोर्ट
Jharkhand MGNREGA Strike, रांची: झारखंड में मनरेगा (MGNREGA) कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल को देखते हुए ग्रामीण विकास विभाग ने राज्य के सभी जिलों के लिए बेहद जरूरी और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं. सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण इलाकों में मनरेगा योजनाओं का काम किसी भी स्थिति में प्रभावित न हो और गरीब मजदूरों को समय पर रोजगार मिलता रहे. विभाग के संयुक्त सचिव अरुण कुमार सिंह ने इस संबंध में सभी जिलों के उपायुक्त-सह-जिला कार्यक्रम समन्वयक (DC) तथा उप विकास आयुक्तों (DDC) को पत्र भेजकर आवश्यक वैकल्पिक तैयारी तुरंत पूरी करने को कहा है. गौरतलब है कि राज्य में मनरेगा कर्मी बीते 12 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं.
मुख्य कार्यक्रम पदाधिकारी संभालेंगे कमान
संयुक्त सचिव द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि मनरेगा कर्मियों के हड़ताल पर चले जाने के कारण दैनिक सरकारी कार्यों के निष्पादन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है. सरकार ने निर्देश दिया है कि ब्लॉकों में काम न रुके, इसके लिए ‘ब्लॉक एडमिन’ या ‘डीबीसी एडमिन’ के माध्यम से मुख्य कार्यक्रम पदाधिकारी (BDO) के नाम से एक नया लॉगिन आईडी और पासवर्ड तुरंत बनाया जाए. इस नई लॉगिन आईडी के जरिए मुख्य कार्यक्रम पदाधिकारी स्वयं अथवा अपने सीधे पर्यवेक्षण (Supervision) में दैनिक कार्यों को निबटाएंगे.
Also Read: Garhwa: मेराल में भी शुरू होगा ‘आपन सरस्वतिया’ अभियान, एसडीएम ने तटीय क्षेत्रों का किया निरीक्षण
हड़ताल अवधि का नहीं मिलेगा मानदेय
हड़ताली कर्मियों के प्रति कड़ा रुख अपनाते हुए विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि काम ठप करने वाले कर्मचारियों पर ‘नो वर्क नो पे’ (No Work No Pay) का सिद्धांत लागू होगा. जितने दिन कर्मी हड़ताल पर रहेंगे, उतने दिनों का उन्हें कोई मानदेय या वेतन नहीं दिया जाएगा. इसके साथ ही सरकार ने सख्त हिदायत दी है कि यदि किसी भी हड़ताली कर्मी द्वारा अपनी पुरानी डिजिटल लॉगिन आईडी या सरकारी डेटा के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या व्यवधान पैदा करने की कोशिश की गई, तो संबंधित कर्मी के खिलाफ कठोर दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
PMAY-G को-ऑर्डिनेटर और पंचायत सचिव संभालेंगे जिम्मा
प्रखंड और पंचायत स्तर पर काम को सुचारू रूप से चलाने के लिए ग्रामीण विकास विभाग ने निम्नलिखित वैकल्पिक खाका तैयार किया है.
- ब्लॉक स्तर पर पदस्थापित अन्य सरकारी कर्मियों, अधिकारियों और प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के प्रखंड समन्वयकों (Block Coordinators) की मदद से कराया जाएगा.
- मनरेगा योजनाओं के तीनों महत्वपूर्ण चरणों की जियो-टैगिंग का कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए यह जिम्मेदारी सीधे पंचायत सचिवों और जनसेवकों को सौंपने का निर्देश दिया गया है.
Also Read: खरसावां में भाजपा के जिला स्तरीय प्रशिक्षण शिविर को लेकर हुई बैठक, 30 व 31 मई को होगा प्रशिक्षण
