Jharkhand Medical Counselling: झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (JCECEB) की वेबसाइट का सर्वर मंगलवार को लगातार चौथे दिन डाउन रहा. वेबसाइट में तकनीकी खराबी के कारण NEET-UG 2026 के आधार पर झारखंड के मेडिकल कॉलेजों में नामांकन की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों की परेशानी बढ़ गयी है. स्टेट मेडिकल काउंसलिंग के तहत मेरिट लिस्ट जारी होने के बाद अब अभ्यर्थियों को अपनी पसंद के कॉलेज और पाठ्यक्रम का विकल्प भरना है, लेकिन वेबसाइट नहीं खुलने के कारण कई अभ्यर्थी यह प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे हैं.
च्वाइस फिलिंग की तारीख बढ़ने की संभावना
सर्वर की समस्या के बीच अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों के लिए राहत की बात यह है कि JCECEB च्वाइस फिलिंग की अंतिम तारीख बढ़ा सकता है. बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, वेबसाइट की तकनीकी खामी को दूर करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है. यदि निर्धारित समय तक तकनीकी समस्या दूर नहीं होती है, तो अभ्यर्थियों को अतिरिक्त समय देने के लिए च्वाइस फिलिंग की तारीख बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है.
19 अगस्त तक है समय
वर्तमान कार्यक्रम के अनुसार च्वाइस फिलिंग की अंतिम तारीख 19 अगस्त 2026 निर्धारित है. ऐसे में अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ गयी है. काउंसलिंग प्रक्रिया में च्वाइस फिलिंग महत्वपूर्ण चरण है, क्योंकि इसी दौरान अभ्यर्थी अपनी प्राथमिकता के अनुसार मेडिकल कॉलेज और पाठ्यक्रम का विकल्प दर्ज करते हैं. सर्वर लगातार ठप रहने के कारण अभ्यर्थियों को आशंका है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी पसंद दर्ज नहीं कर पायेंगे.
3227 अभ्यर्थी मेरिट लिस्ट में
JCECEB ने NEET-UG 2026 के परिणाम के आधार पर झारखंड में स्टेट मेडिकल काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू की है. इसके तहत राज्य के मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS और BHMS पाठ्यक्रमों में नामांकन होना है. पर्षद की ओर से NEET-UG 2026 के परिणाम के आधार पर स्टेट मेरिट लिस्ट भी जारी की जा चुकी है. इस मेरिट लिस्ट में कुल 3227 छात्र-छात्राओं को शामिल किया गया है.
सीट आवंटन में च्वाइस फिलिंग अहम
मेरिट लिस्ट जारी होने के बाद काउंसलिंग प्रक्रिया के अगले चरण के रूप में च्वाइस फिलिंग की जा रही है. इसमें अभ्यर्थियों को अपनी पसंद और प्राथमिकता के आधार पर मेडिकल कॉलेज और पाठ्यक्रम का विकल्प दर्ज करना होता है. आगे सीट आवंटन की प्रक्रिया इसी प्राथमिकता और उपलब्ध सीटों के आधार पर होती है. इसलिए च्वाइस फिलिंग में किसी तरह की तकनीकी बाधा अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण चिंता का विषय बन गयी है.
लिंक नहीं खुलने से परेशानी
अभ्यर्थियों के अनुसार, JCECEB की वेबसाइट पर काउंसलिंग से संबंधित लिंक और पेज कई बार प्रयास करने के बाद भी नहीं खुल रहा है. कई छात्र लगातार वेबसाइट खोलने और लॉगिन करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन तकनीकी समस्या के कारण वे आगे की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रहे हैं. इससे उन अभ्यर्थियों की परेशानी अधिक बढ़ गयी है, जिन्हें समय सीमा समाप्त होने से पहले अपनी पसंद दर्ज करनी है.
शनिवार से बनी हुई है समस्या
अभ्यर्थियों का कहना है कि JCECEB की वेबसाइट में शनिवार से ही परेशानी शुरू हो गयी थी. काउंसलिंग के लिए उपलब्ध लिंक और संबंधित पेज खुलने में लगातार समस्या आ रही है. इसके बाद सोमवार और मंगलवार को भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ. लगातार कई दिनों तक सर्वर डाउन रहने के कारण अभ्यर्थियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है.
अभ्यर्थियों को सीट आवंटन की चिंता
छात्रों का कहना है कि च्वाइस फिलिंग मेडिकल काउंसलिंग का बेहद महत्वपूर्ण चरण है. यदि तकनीकी समस्या के कारण वे अपनी पसंद दर्ज नहीं कर पाते हैं, तो इसका असर आगे होने वाली सीट आवंटन प्रक्रिया पर पड़ सकता है. अभ्यर्थियों ने मांग की है कि तकनीकी समस्या का जल्द समाधान किया जाए और यदि सर्वर समय पर ठीक नहीं होता है, तो च्वाइस फिलिंग की समय सीमा बढ़ायी जाए.
तकनीकी खामी दूर करने में जुटा बोर्ड
JCECEB अधिकारियों के अनुसार, सर्वर में आयी तकनीकी खामी को दूर करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है. हालांकि, अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है. बोर्ड की ओर से यह भी संकेत दिया गया है कि यदि तकनीकी दिक्कत बनी रहती है, तो च्वाइस फिलिंग की तारीख बढ़ायी जा सकती है. इससे अभ्यर्थियों को प्रक्रिया पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय मिल सकेगा.
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नामांकन प्रक्रिया पर टिकी नजर
NEET-UG 2026 के परिणाम के आधार पर शुरू हुई झारखंड की स्टेट मेडिकल काउंसलिंग में अब सभी की नजर च्वाइस फिलिंग और उसके बाद होने वाली सीट आवंटन प्रक्रिया पर है. 3227 अभ्यर्थियों को मेरिट लिस्ट में शामिल किया गया है और उन्हें अपनी पसंद के कॉलेज तथा पाठ्यक्रम दर्ज करने हैं. ऐसे में सर्वर की तकनीकी समस्या जल्द दूर होना जरूरी है, ताकि काउंसलिंग प्रक्रिया निर्धारित तरीके से आगे बढ़ सके और अभ्यर्थियों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े.
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