झारखंड लोकायुक्त का पद 2021 से खाली, भ्रष्टाचार के मामलों की नहीं हो पा रही है सुनवाई

भ्रष्टाचार से संबंधित दर्ज मामलों की सुनवाई नहीं हो पा रही है, जबकि भ्रष्ट आचरण, भ्रष्टाचार व लोक शिकायत से संबंधित लगभग 2200 से अधिक मामले लंबित हो गये हैं. जनवरी 2023 में भी लोगों द्वारा 19 शिकायतें दर्ज करायी गयी हैं

झारखंड सरकार के तंत्र में भ्रष्टाचार, कदाचार एवं निष्क्रियता से निपटने के लिए लाेकायुक्त कार्यालय की स्थापना की गयी है, ताकि आम व्यक्ति का विश्वास एवं आस्था राज्य प्रशासन में कायम रह सके. झारखंड लोकायुक्त का पद 29 जून 2021 से रिक्त पड़ा हुआ है. तत्कालीन लोकायुक्त जस्टिस डीएन उपाध्याय के आकस्मिक निधन के बाद से ही यह खाली है. लोकायुक्त का पद खाली हुए 20वां माह गुजर रहा है.

भ्रष्टाचार से संबंधित दर्ज मामलों की सुनवाई नहीं हो पा रही है, जबकि भ्रष्ट आचरण, भ्रष्टाचार व लोक शिकायत से संबंधित लगभग 2200 से अधिक मामले लंबित हो गये हैं. जनवरी 2023 में भी लोगों द्वारा 19 शिकायतें दर्ज करायी गयी हैं. लोकायुक्त कार्यालय में दर्ज किसी परिवाद पर रिपोर्ट मंगाना या समन की कार्रवाई करना जैसे कार्य भी फरवरी 2022 से पूरी तरह से ठप हो गया है.

कार्यालय में किसी प्रकार का कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा है. हालांकि अधिकारी व कर्मचारी प्रतिदिन समय पर कार्यालय आते है तथा कार्यालय अवधि समाप्त होने पर घर लाैट जाते हैं. वेतन की निकासी भी होती है. कार्यालय कर्मी लोकायुक्त की नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं. वहीं लोकायुक्त का पद रिक्त रहने के कारण परिवाद दायर करनेवाले लोग मायूस हैं.

वर्ष दर्ज/लंबित मामले

2020 1250 (पुराने सहित)

2021 650

2022 388

2023 19 जनवरी में

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