रांची से राणा प्रताप की रिपोर्ट
Jharkhand Lokayukta, रांची: झारखंड के नवनियुक्त लोकायुक्त जस्टिस अमिताभ कुमार गुप्ता ने पदभार संभालते ही राज्य में पिछले पांच वर्षों से धूल फांक रहे लंबित मामलों पर ताबड़तोड़ एक्शन शुरू कर दिया है. लोकायुक्त का जिम्मा लेते ही जस्टिस गुप्ता ने अब तक लगभग 1400 फाइलों की गहन समीक्षा की है, जिसमें से 275 मामलों का ऑन-द-स्पॉट निपटारा कर दिया गया है. लोकायुक्त के इस आक्रामक और कड़े रुख से राज्य के भ्रष्ट लोक सेवकों और अफसरों में हड़कंप मच गया है. इसके साथ ही लगभग 250 गंभीर मामलों में लोकायुक्त ने नियमित सुनवाई के लिए औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं, जिससे आने वाले दिनों में कई बड़े चेहरों पर शिकंजा कसना तय माना जा रहा है.
आय से अधिक संपत्ति पर कसेगा शिकंजा
लोकायुक्त के पास लोक सेवकों द्वारा पद का दुरुपयोग कर अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित करने की कई गंभीर शिकायतें आई थीं. मामले की गंभीरता को देखते हुए लोकायुक्त ने ऐसी कई शिकायतवादों में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) को प्राथमिक जांच दर्ज कर कार्रवाई करने का कड़ा निर्देश दिया है. इसके अलावा लोकायुक्त के समक्ष जो मामले सबसे ज्यादा संख्या में आए हैं, उनमें सरकारी टेंडर आवंटन में हेराफेरी, भूमि से जुड़े गंभीर विवाद और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन व अन्य लाभों को रोकने से संबंधित शिकायतें प्रमुखता से शामिल हैं.
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अंचल कार्यालयों की घूसखोरी पर लोकायुक्त ने जताया कड़ा रुख
समीक्षा के दौरान यह बात भी सामने आई है कि आम जनता से सीधे जुड़े अंचल कार्यालयों में भ्रष्टाचार का जाल सबसे ज्यादा फैला हुआ है. लोकायुक्त के पास अंचल कार्यालयों के खिलाफ शिकायतों की बाढ़ आ गई है, जिनमें जमीन का म्यूटेशन करने के एवज में सरेआम पैसे मांगना, पैसा नहीं देने पर गरीब रैयतों के आवेदनों को बिना वजह अस्वीकृत कर देना, ऑनलाइन रसीद निर्गत नहीं करना और कागजातों में हुई त्रुटियों के सुधार में जानबूझकर देरी करना शामिल है. लोकायुक्त ने इन सभी मामलों को बेहद गंभीरता से लिया है और संबंधित अधिकारियों को जवाबदेह बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
पांच साल बाद भरा गया पद, जनता का बढ़ा भरोसा
उल्लेखनीय है कि झारखंड में लोकायुक्त का पद पिछले पांच वर्षों से खाली पड़ा था, जिसके कारण आम जनता की शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं हो पा रही थी. अभी तक लगभग 3000 से अधिक मामले पेंडिंग हो गए थे. इसके बाद 21 अप्रैल 2026 को जस्टिस अमिताभ कुमार गुप्ता ने झारखंड के नवनियुक्त लोकायुक्त के रूप में शपथ ली और कार्यभार संभाला. लोकायुक्त के एक्टिव होते ही न्याय की उम्मीद में बैठी जनता का भरोसा भी सिस्टम पर बढ़ा है, यही वजह है कि उनके पदभार ग्रहण करने के बाद से अब तक 100 से अधिक नई शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं.
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