झारखंड को बारिश से नहीं मिलेगी राहत, 31 अगस्त तक वर्षा-वज्रपात का येलो अलर्ट

Jharkhand Ka Mausam: झारखंड को मानसून की बारिश से राहत मिलती नहीं दिख रही. मौसम विभाग ने कहा है कि 26 से 31 अगस्त 2025 तक झारखंड में वर्षा होती रहेगी. वर्षा और वज्रपात का येलो अलर्ट भी मौसम विभाग की ओर से जारी कर दिया गया है. किन-किन जिलों में वर्षा होगी, यहां जान लें.

Jharkhand Ka Mausam: झारखंड को अभी मानसून की बारिश से राहत मिलने वाली नहीं है. गरज-चमक के साथ 31 अगस्त तक वर्षा-वज्रपात की चेतावनी मौसम विभाग की ओर से दी गयी है. मौसम विभाग ने येलो अलर्ट भी जारी कर दिया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग के रांची स्थिति मौसम केंद्र ने कहा है कि 26 से 28 अगस्त तक झारखंड में कहीं-कहीं गर्जन और तेज हवाओं के साथ वज्रपात होने की संभावना है.

26, 27 और 28 अगस्त को वज्रपात और तूफान की आशंका

मौसम विभाग ने झारखंड के लिए जारी मौसम की चेतावनी में कहा है कि 26 अगस्त, 27 अगस्त और 28 अगस्त को आंधी-तूफान के साथ कहीं-कहीं वर्षा और वज्रपात होगी. हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की संभावना है. दैनिक मौसम पूर्वानुमान में मौसम केंद्र ने कहा है कि मानसून ट्रफ इस समय झारखंड से गुजर रहा है, जिसका असर आने वाले दिनों में यहां के मौसम पर दिखेगा.

29 अगस्त को इन जिलों में वर्षा-वज्रपात का येलो अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक, 29 अगस्त को झारखंड के दक्षिण-पूर्वी (पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और पूर्वी सिंहभूम) और उत्तर-पूर्वी (साहिबगंज, गोड्डा, पाकुड़ और दुमका) भागों में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है. इतना ही नहीं, कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ वर्षा और वज्रपात होने की भी संभावना है. इस दौरान हवा की अधिकतम गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है.

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इन 7 जिलों में होगी भारी वर्षा

  • साहिबगंज
  • पश्चिमी सिंहभूम
  • सरायकेला-खरसावां
  • पूर्वी सिंहभूम
  • गोड्डा
  • पाकुड़
  • दुमका
झारखंड के कई जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट.

Jharkhand Ka Mausam: 30, 31 अगस्त के लिए येलो अलर्ट

30 और 31 अगस्त के लिए भी मौसम विभाग का येलो अलर्ट जारी हुआ है. इसमें कहा है कि राज्य के पूर्वी और उससे सटे मध्य भागों में कहीं-कहीं भारी वर्षा होगी. इस दौरान अगले चार दिन में अधिकतम तापमान में 3-4 डिग्री की वृद्धि होने का अनुमान मौसम विभाग ने जताया है.

25 घंटे में झारखंड में हुई 6.1 मिलीमीटर वर्षा

पिछले 24 घंटे की बात करें, तो झारखंड में सामान्य वर्षा 6.9 मिलीमीटर की बजाय 6.1 मिलीमीटर बारिश हुई. यह सामान्य से 12 फीसदी कम वर्षा है. इस दौरान चितरपुर में 38.4 मिलीमीटर सबसे अधिक वर्षा हुई. सबसे अधिक उच्चतम तापमान गोड्डा जिले में 35 डिग्री सेंटीग्रेड और सबसे कम न्यूनतम तापमान लातेहार में 20.6 डिग्री सेंटीग्रेड दर्ज किया गया. इस दौरान खूंटी में 20 मिलीमीटर वर्षा हुई.

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9 जिलों में 1000 मिलीमीटर से अधिक बरसा मानसून

झारखंड में 1000 मिलीमीटर वर्षा हो चुकी है, जो 1 जून से 25 अगस्त तक की सामान्य वर्षा 751.4 मिलीमीटर से 33 प्रतिशत अधिक है. पूर्वी सिंहभूम, जामताड़ा, खूंटी, लातेहार, रामगढ़, रांची, सरायकेला-खरसावां, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में 1000 मिलीमीटर से अधिक वर्षा हुई है. पाकुड़ को छोड़ किसी भी जिले में सामान्य से कम वर्षा नहीं हुई है.

रांची में 29 अगस्त तक होगी बारिश, वज्रपात की भी आशंका

अब बात राजधानी रांची के मौसम की. 26, 27, 28 और 29 अगस्त को रांची में आसमान में बादल छाये रहेंगे. 26 अगस्त को एक-दो बार हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा होगी. 27 और 28 अगस्त को गर्जन अथवा वर्षा हो सकती है. 29 अगस्त को एक या दो बार हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा होने की संभावना है. इस दौरान अधिकतम तापमान 28 से 30 डिग्री के बीच और न्यूनतम तापमान 22 से 23 डिग्री के बीच रहने की संभावना है.

24 घंटे में कहां-कितनी बारिश हुई

  • चितरपुर में 38.4 मिलीमीटर
  • पोटका में 36.0 मिलीमीटर
  • बड़कागांव में 35.0 मिलीमीटर
  • नौडीहा बाजार में 30.0 मिलीमीटर
  • पतरातू में 30.0 मिलीमीटर
  • सिसई में 29.0 मिलीमीटर
  • कालियासोल में 20.2 मिलीमीटर
  • पुटकी में 20.0 मिलीमीटर
  • भरनो में 20.0 मिलीमीटर
  • गोमिया में 18.2 मिलीमीटर
  • मैथन में 17.4 मिलीमीटर
  • ओरमांझी में 16.4 मिलीमीटर
  • मैथन डीवीसी में 16.2 मिलीमीटर
  • राजमहल में 16.0 मिलीमीटर
  • जमशेदपुर में 16 मिलीमीटर
  • अड़की में 15.4 मिलीमीटर
  • रामगढ़ डीवीसी में 15.4 मिलीमीटर

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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