पंकज मिश्रा के सहयोगी दाहू यादव और सुनील यादव को अदालत ने किया भगोड़ा घोषित, जारी हुआ था गैरजमानती वारंट

अवैध खनन और मनी लाउंड्रिंग मामले में पंकज मिश्रा के सहयोगी दाहू यादव और सुनील यादव को पीएमएलए कोर्ट ने भगोड़ा घोषित कर दिया है. इसके पूर्व दोनों के खिलाफ इडी के आवेदन पर अदालत ने 29 अक्तूबर को गैरजमानती वारंट जारी किया था

रांची: अवैध खनन और मनी लाउंड्रिंग मामले में पंकज मिश्रा के सहयोगी दाहू यादव और सुनील यादव को पीएमएलए कोर्ट ने भगोड़ा घोषित कर दिया है. इसके पूर्व दोनों के खिलाफ इडी के आवेदन पर अदालत ने 29 अक्तूबर को गैरजमानती वारंट जारी किया था. साहिबगंज एसपी से दोनों को गिरफ्तार करने को कहा गया था. जब दोनों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो अदालत ने उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया है.

गौरतलब है कि अवैध खनन मामले में विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा का सहयोगी होने की जानकारी के बाद दाहू यादव और सुनील यादव दोनों भाइयों को इडी ने समन जारी किया था. पहली बार दोनों इडी के पास पहुंचे और बताया कि उनके घर में एक व्यक्ति बीमार है. उनका इलाज कराने के बाद वे इडी के पास आयेंगे. उसके बाद इडी ने तीन बार समन जारी किया, लेकिन दोनों भाई इडी के समक्ष पेश नहीं हुए.

सुप्रीम कोर्ट से अमित अग्रवाल को तीन माह की अंतरिम जमानत

राजीव कुमार कैश कांड में सुप्रीम कोर्ट ने कोलकाता के व्यापारी अमित अग्रवाल को तीन माह की सशर्त अंतरिम जमानत देने का फैसला किया. सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ जमानत के मुद्दे पर फैसला दिया है. इससे हाइकोर्ट के आदेश के आलोक में सीबीआइ जांच जारी रहेगी. अमित अग्रवाल की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को न्यायाधीश संजीव खन्ना व न्यायाधीश एमएम सुंदरेश की पीठ में सुनवाई हुई.

इस दौरान एडिशन सोलिसिटर जेनरल एसवी राजू ने इडी का पक्ष रखा. कहा कि पूरा मामला एक सुनियोजित साजिश का परिणाम है. यह न्यायालय, इडी व सरकारी अफसरों को बदनाम करने के लिए रची गयी थी. इसी मामले में राजीव कुमार के जमानत मिलने की बात कहे जाने पर अदालत ने अमित अग्रवाल को सशर्त अंतरिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया. अदालत ने अमित अग्रवाल को अपना पासपोर्ट पीएमएलए के विशेष न्यायाधीश की अदालत में जमा करने और बिना आदेश के देश से बाहर जाने पर रोक लगा दी.

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