संस्कृत विषय में PGT के लिए रिजर्व रखें 5 सीटें, झारखंड हाईकोर्ट का राज्य सरकार और JSSC को निर्देश

Jharkhand High Court: झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षक (पीजीटी) संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023 के तहत संस्कृत विषय में नियुक्ति को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई की. इस दौरान अदालत ने सरकार और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) को संस्कृत विषय में पांच सीटें रिजर्व रखने का निर्देश दिया.

Jharkhand High Court: रांची, राणा प्रताप-झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षक (पीजीटी) संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023 के तहत संस्कृत विषय में नियुक्ति को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई की. इस मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रार्थियों का पक्ष सुना. इसके बाद सरकार और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) को निर्देश दिया कि संस्कृत विषय में पांच सीटें रिजर्व रखी जाएं. इसके साथ ही इस मामले में शपथ पत्र के माध्यम से प्रतिवादियों को जवाब दायर करने का निर्देश दिया.

संस्कृत विषय में की गयी है नियुक्ति की मांग


इससे पूर्व प्रार्थियों की ओर से अदालत को बताया गया कि वे संस्कृत विषय में स्नातकोत्तर हैं. उनकी डिग्री जेएसएससी के विज्ञापन में मांगी गयी डिग्री के समकक्ष है, लेकिन जेएसएससी इसे मान नहीं रहा है. उनकी नियुक्ति नहीं की जा रही है, जबकि वे चयन के लिए सारी योग्यता रखते हैं. जेएसएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल ने पैरवी की. प्रार्थी सुजीत मुर्मू व अन्य की ओर से याचिका दायर कर संस्कृत विषय में नियुक्ति की मांग की गयी है.

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लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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