रांची से राणा प्रताप की रिपोर्ट
Jharkhand High Court, रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य के भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (एसीबी) में लंबित प्रारंभिक जांच (पीई) के मामलों के शीघ्र निष्पादन को लेकर स्वत: संज्ञान लेते हुए एक अहम सुनवाई की. चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने इस दौरान एसीबी द्वारा मामलों की प्रारंभिक जांच की धीमी गति पर गहरा असंतोष व्यक्त किया.
सीलबंद लिफाफे में अद्यतन रिपोर्ट सौंपने का निर्देश
अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया कि एसीबी में लंबित सभी प्रारंभिक जांचों की पूरी और अद्यतन (अपडेटेड) स्थिति रिपोर्ट तैयार की जाए. कोर्ट ने आदेश दिया कि इस पूरी रिपोर्ट को सीलबंद लिफाफे में अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाए. खंडपीठ ने इस गंभीर मामले की अगली सुनवाई के लिए 25 जून की तिथि निर्धारित की है.
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कोर्ट ने ठुकराई जनवरी तक की पुरानी रिपोर्ट
इससे पहले कोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पक्ष रखते हुए बताया गया कि वे अदालत के निर्देशानुसार लंबित पीई की स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए तैयार हैं, लेकिन वह रिपोर्ट केवल जनवरी 2026 तक की ही स्थिति को दर्शाएगी. सरकार की इस दलील पर खंडपीठ ने साफ असहमति जताई.
पांच महीने का समय बीता
अदालत ने सरकार के तर्क को खारिज करते हुए कहा कि जनवरी के बाद अब पांच महीने का लंबा समय बीत चुका है, इसलिए कोर्ट के लिए इतनी पुरानी रिपोर्ट पर्याप्त या स्वीकार्य नहीं होगी. अदालत ने सरकार को सख्त लहजे में निर्देश दिया कि वे वर्तमान समय की वास्तविक स्थिति को दर्शाते हुए नई स्टेटस रिपोर्ट दायर करें और पीई की सटीक अद्यतन स्थिति से कोर्ट को अवगत कराएं.
