Ram Temple Row: झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि यदि राम मंदिर में कथित तौर पर 220 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोप लगे हैं तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए. साथ ही उन्होंने राज्य में सेरेब्रल मलेरिया की स्थिति पर भी जानकारी देते हुए कहा कि सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और स्थिति काफी हद तक नियंत्रण में है.
राम मंदिर मामले में जांच की उठाई मांग
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि राम मंदिर से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं की खबरें बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले ने लोगों की आस्था को ठेस पहुंचाई है. उन्होंने कहा, "बचपन में इतिहास में पढ़ा था कि आक्रमणकारियों ने सोमनाथ मंदिर की संपत्ति लूटी थी. आज उस घटना के प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं हैं, लेकिन अयोध्या राम मंदिर में कथित 220 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोप सामने आए हैं." मंत्री ने कहा कि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और सच्चाई जनता के सामने लाई जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्तर पर कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए.
बीजेपी पर साधा निशाना
इरफान अंसारी ने अपने बयान में भाजपा पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में जनता के विश्वास को नुकसान पहुंचा है. उन्होंने आरोप लगाया कि यदि मंदिर निर्माण या उससे जुड़े वित्तीय मामलों में किसी तरह की अनियमितता हुई है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए. हालांकि, यह ध्यान देने योग्य है कि मंत्री का यह बयान राजनीतिक आरोपों के संदर्भ में दिया गया है. कथित 220 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोपों पर सक्षम जांच एजेंसियों या न्यायालय द्वारा अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है.
सेरेब्रल मलेरिया की स्थिति पर भी दिया अपडेट
राज्य में सेरेब्रल मलेरिया के मामलों को लेकर मंत्री ने कहा कि झारखंड खनिज संसाधनों, जल, जंगल और जमीन से समृद्ध राज्य है. मानसून के दौरान कुछ क्षेत्रों में हर वर्ष मलेरिया के मामले सामने आते हैं. उन्होंने कहा कि सरकार इस चुनौती से निपटने के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रही है. जिन इलाकों से मरीजों और कुछ मौतों की सूचना मिली थी, वहां स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीमें भेजी गई हैं.
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200 डॉक्टर तैनात, घबराने की जरूरत नहीं
इरफान अंसारी ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल कॉलेजों के चिकित्सकों सहित करीब 200 डॉक्टरों की तैनाती की गई है. स्वास्थ्य विभाग ने दवाओं, जांच और उपचार की व्यापक व्यवस्था की है. उन्होंने कहा कि लगातार निगरानी और स्वास्थ्य टीमों की सक्रियता के कारण मलेरिया के मामलों में अब कमी आ रही है. लोगों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें. उनके अनुसार, वर्तमान स्थिति नियंत्रण में है और घबराने की आवश्यकता नहीं है.
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