Jagannathpur Temple Case: झारखंड हाईकोर्ट ने रांची के धुर्वा स्थित जगन्नाथपुर मंदिर न्यास समिति विवाद की सुनवाई के दौरान मंदिर की जमीन और उस पर संभावित अतिक्रमण को लेकर अहम सवाल उठाए हैं. जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद पूछा कि मंदिर के पास कुल कितनी जमीन है और क्या उस पर किसी तरह का अतिक्रमण हुआ है. मामले की अगली सुनवाई के लिए कोर्ट ने 16 सितंबर की तारीख तय की है.
कोर्ट ने मांगी जमीन और अतिक्रमण की स्थिति
सुनवाई के दौरान अदालत ने मंदिर की संपत्ति को लेकर स्पष्ट जानकारी मांगी. कोर्ट ने जानना चाहा कि जगन्नाथपुर मंदिर के पास कुल कितनी जमीन दर्ज है और उस जमीन पर अतिक्रमण की स्थिति क्या है. याचिकाकर्ताओं की ओर से भी मंदिर की जमीन पर अतिक्रमण का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया, जिस पर अदालत ने संबंधित पक्षों से विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने को कहा.
11 सदस्यीय समिति रिपोर्ट नहीं सौंप सकी
इस मामले में पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने महाधिवक्ता रोहितश्य रॉय की अध्यक्षता में 11 सदस्यीय समिति गठित की थी. समिति को झारखंड राज्य हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड की ओर से प्रस्तुत मंदिर संचालन एवं प्रबंधन योजना का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट अदालत में सौंपनी थी. हालांकि, ताजा सुनवाई में समिति अपनी रिपोर्ट पेश नहीं कर सकी. समिति की ओर से मौखिक रूप से अदालत से सलाह मांगी गई और यह जानना चाहा गया कि उसे किन-किन बिंदुओं पर काम करना है.
मंदिर न्यास समिति ने मेरिट पर सुनवाई की मांग की
सुनवाई के दौरान जगन्नाथपुर मंदिर न्यास समिति ने अदालत से मामले की मेरिट पर सुनवाई करने का आग्रह किया. दूसरी ओर, याचिकाकर्ताओं ने मंदिर की जमीन की सुरक्षा और कथित अतिक्रमण के मुद्दे को गंभीर बताते हुए इस पर विस्तृत सुनवाई की मांग की. मामले में झारखंड राज्य हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड की ओर से अधिवक्ता भरत कुमार ने पक्ष रखा.
पूर्व सचिव समेत अन्य ने दायर की हैं याचिकाएं
यह मामला जगन्नाथपुर मंदिर न्यास समिति के पूर्व सचिव चंद्रकांत रायपत समेत अन्य लोगों द्वारा दायर अलग-अलग याचिकाओं से जुड़ा है. याचिकाओं में मंदिर के संचालन, प्रबंधन और संपत्ति से जुड़े विभिन्न मुद्दे उठाए गए हैं, जिन पर हाईकोर्ट सुनवाई कर रहा है.
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बोर्ड पहले ही पेश कर चुका है प्रबंधन योजना
कोर्ट के निर्देश के अनुपालन में झारखंड राज्य हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड ने झारखंड हिंदू धार्मिक ट्रस्ट बोर्ड एक्ट की धारा-32 के तहत जगन्नाथपुर मंदिर के संचालन और प्रबंधन को लेकर एक विस्तृत योजना अदालत के समक्ष प्रस्तुत की थी. अब हाईकोर्ट इस योजना पर गठित समिति की रिपोर्ट और सभी पक्षों के जवाब के आधार पर आगे की सुनवाई करेगा. फिलहाल अदालत ने 16 सितंबर को अगली सुनवाई निर्धारित करते हुए मंदिर की जमीन और उसके संरक्षण से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करने पर जोर दिया है.
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