झारखंड सरकार ने जारी की नयी गाइडलाइंस, पढ़ें

coronavirus: कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए लागू किये लॉकडाउन (lockdown) में एक राज्य के बाहर फंसे लोगों को अपने घर जाने की छूट केंद्र सरकार की ओर से दी गयी है. इसे लेकर झारखंड सरकार ने भी अपने गाइडलाइंस जारी किये हैं. गाइडलाइंस के तहत बताया गया कि लगातार भारी संख्या में देश के अलग-अलग राज्यों से फोन आ रहे हैं. दूसरे राज्यों में (Stranded labours) फंसे मजदूरों को वापस लाने के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी एप में काफी ज्यादा लोग निबंधित हो रहे हैं.

कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए लागू किये लॉकडाउन में एक राज्य के बाहर फंसे लोगों को अपने घर जाने की छूट केंद्र सरकार की ओर से दी गयी है. इसे लेकर झारखंड सरकार ने भी अपने गाइडलाइंस जारी किये हैं. गाइडलाइंस में कहा गया है कि लागातार भारी संख्या में देश के अलग-अलग राज्यों से फोन आ रहे हैं. दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों को वापस लाने के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी एप में काफी ज्यादा लोग निबंधित हो रहे हैं. राज्य सरकार का कर्तव्य है कि देश के अलग अलग हिस्सों में फंसे राज्य के लोगों को वापस लाने का इंतजाम किय जाये. उन्हें वापस लाने में केंद्र द्वारा जारी गाइडलाइंस का पूरी तरीके से पालन किया जायेगा.

पथ यातायात और परिवहन विभाग के सचिव और आयुक्त को इस कार्य के लिए नोडल अफसर बनाया गया है. उन्हें यह जिम्मेदारी दी गयी है वो दिये गये गाइलाइंस के अनुसार सभी लोगों को राज्य में लाकर उन्हें उनके गांव तक पहुंचाने की समुचित व्यवस्था करें. दूसरे राज्यों के अधिकारियों से बात करने के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों नोडल अफसर बनाया गया है. अमरेंद्र प्रताप सिंह को प्रमुख नोडल अफसर बनाया गया है जो अपना कार्यभार संभाल रहे हैं.

जो भी मजदूर बाहर में फंसे हैं उन्हें समूह में लाने के लिए राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि सभी लोग एप के माध्यम से अपना निबंधन करायें. जनसंपर्क विभाग द्वारा समय-समय पर लोगों को जागरूक करने के लिए विज्ञापन प्रकाशित किये जायेंगे. मजदूरों के खाते में पैसा ट्रांसफर करने के लिए फिलहाल जो एप है उससे ही काम लिया जायेगा जब तक नये एप का निर्माण पूरा नहीं हो जाता है. बाहर फंसे सभी लोगों को समूह में करके बस या ट्रेन से राज्य में लाया जायेगा. पड़ोसी राज्य जैसे विहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों से और मध्य प्रदेश में फंसे हुए लोगों को लाने के लिए बसों का इस्तेमाल किया जायेगा. बाकी दूसरे राज्यों से लोगों को लाने के लिए ट्रेन की व्यवस्था की जायेगी.

अगर बाहर फंसे लोगों को ट्रेन द्वारा लाया जा रहा है तो स्टेट नोडल अधिकारी यह सुनश्चित करेंगे की उस राज्य में फंसे मजदूरों की सूची का अच्छे से मिलान कर लें. साथ ही यह भी सुनश्चित करेंगे कि जो भी लोग आयेंगे वो किस स्टेशन से ट्रेन पर बैठेंगे. इसके साथ ही अधिकारी रेल अधिकारियों से लोगों के सीट संख्या और कोच को सुनश्चित करेंगे. ट्रेन में लोगों को खाने और पीने की पूरी व्यवस्था होगी. गंतव्य स्टेशन पर समुचित व्यवस्था की जायेगी ताकि नियमों का पालन सही तरीके से किया जा सके. रेलवे स्टेशन पर पर्याप्त संख्या में बसों का परिचालन सुनिश्चित किया जायेगा. बस में सोशल डिस्टेंसिग का पूरा ख्याल रखा जाना चाहिए. यात्रा से पहले बस को पूरी तरह से सेनेटाइज किया जायेगा. बस में यात्रियों के खाने-पीने की व्यवस्था के मास्क और सेनेटाइजर भी उपलब्ध रहेंगे. इसके अलावा पुलिस अधिकारियों को भी इससे संबंधित दिशा-निर्देश दिये गये हैं.

झारखंड से बाहर जाने वाले लोगों के लिए भी इसी प्रकार की व्यवस्था लागू होगी. बाहर से आये मजदूर अच्छे तरीके से होम क्वारेंटाइन का पालन कर रहे हैं, स्थानीय जनप्रतिनिधि इस बात को सुनिश्चित करेंगे. राज्य के अंदर जो लोग यात्रा करना चाहते हैं वो जिला उपायुक्त द्वारा निर्गत पास से आवाजाही कर सकते हैं. उन लोगों को पास नहीं दिया जायेगा जिनका कोरोना वायरस के लिए टेस्ट हुआ और जांच कि रिपोर्ट नहीं आया है. राज्य के बाहर के जो लोग अपने वाहन से आवाजाही करना चाहते हैं तो अपने गृहजिला के उपायुक्त से पास निर्गत करा सकते हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Panchayatnama

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >