सूखे के बाद झारखंड के किसानों पर आया एक और बड़ा संकट, कृषि विभाग परेशान

किसानों के अनुसार झुलसा बीमारी के कारण उनकी धान की फसलों पर खतरा मंडराने लगा है. यह बीमारी ज्यादातर हाइब्रिड धान की फसलों में लगी है. धान की फसल अब पकने को तैयार हैं

रांची: झारखंड में कई जिलों के किसानों को सूखे के बाद अब धान में बीमारी की मार झेलना पड़ रही है. राजधानी सहित संताल परगना के कई जिलों में खेतों में लगी धान की बाली काली होती जा रही है. इससे किसान परेशान हैं. किसानों ने इसकी शिकायत कृषि विभाग से भी की है. कृषि विभाग के पौधा संरक्षण विभाग ने इसे मुद्दे पर कई जिलों के कृषि पदाधिकारियों से बात की है. किसानों से निरंतर संपर्क में रहने का निर्देश दिया है. सबसे अधिक असर साहिबगंज और दुमका जिले में देखा जा रहा है. वहीं राजधानी के पंचपरगना वाले इलाके से ज्यादा शिकायत मिल रही है.

राजधानी में बुंडू सहित पंचपरगना क्षेत्र में धान की फसलों में कीड़ा लगने से किसानों की चिंता बढ़ गयी है. किसानों के अनुसार झुलसा बीमारी के कारण उनकी धान की फसलों पर खतरा मंडराने लगा है. यह बीमारी ज्यादातर हाइब्रिड धान की फसलों में लगी है. धान की फसल अब पकने को तैयार हैं. ऐसे में बीमारी लगने से उनकी परेशानी बढ़ गयी है.

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धान की बाली में काले धब्बे दिख रहे हैं. कई बालियां सूखने लगी हैं. यही स्थिति रही, तो धान की फसल सिर्फ पुआल बनकर रह जायेगी. उनकी पूंजी भी डूब जायेगी. बुंडू प्रखंड के तुजू गांव में 261 एकड़ से अधिक खेतों में धान की फसल को क्षति पहुंची है. यहां के पंचायत समिति के सदस्य सिंह राय दास ने इस संदर्भ में प्रखंड विकास पदाधिकारी सहित उच्च अधिकारियों को आवेदन दिया है. वहीं उचित मुआवजा देने की भी मांग की है.

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