धनबाद की 256 पंचायतों में बदलेगी विकास की तस्वीर! मुखियाओं का तीन दिवसीय 'पावर ट्रेनिंग' शुरू

Dhanbad Mukhiya Training: धनबाद जिले की 256 पंचायतों के मुखियाओं के लिए तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर सोमवार से शुरू हो गया है. डीडीसी सन्नी राज ने मुखियाओं को प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियों के सही उपयोग के निर्देश दिए हैं. पढ़ें, आपके प्रखंड के मुखिया को कहां मिल रही है ट्रेनिंग.

Dhanbad Mukhiya Training, धनबाद : धनबाद जिले के सर्वांगीण विकास और पंचायती राज व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में सोमवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. जिले की सभी 256 पंचायतों के नवनिर्वाचित और वर्तमान मुखियाओं के लिए तीन दिवसीय ‘प्रशिक्षण सह उन्मुखीकरण कार्यक्रम’ का भव्य शुभारंभ हुआ. यह प्रशिक्षण सत्र राजकीय पॉलिटेक्निक, बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (BBMKU) और सदर अस्पताल परिसर स्थित एमटीसी ट्रेनिंग हॉल में समानांतर रूप से आयोजित किए जा रहे हैं. इस कार्यक्रम का मुख्य ध्येय पंचायत प्रतिनिधियों को उनके वैधानिक उत्तरदायित्वों, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं के तकनीकी पहलुओं से अवगत कराना है.

डीडीसी सन्नी राज का कड़ा संदेश: पारदर्शिता से समझौता नहीं

प्रशिक्षण की गंभीरता को देखते हुए उप विकास आयुक्त (DDC) सन्नी राज ने राजकीय पॉलिटेक्निक केंद्र पहुंचकर सत्रों का निरीक्षण किया. उन्होंने उपस्थित मुखियाओं को संबोधित करते हुए दो टूक शब्दों में कहा कि वे प्रशिक्षण में दी जा रही जानकारियों को केवल औपचारिक न समझें, बल्कि उन्हें आत्मसात कर अपनी-अपनी पंचायतों में प्रभावी ढंग से लागू करें. डीडीसी ने जोर देकर कहा कि सरकार की प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक बिना किसी बाधा के पहुंचना चाहिए. उन्होंने विकास कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने और भ्रष्टाचार के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने का कड़ा निर्देश दिया.

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वित्तीय शक्तियों और जनभागीदारी का ‘मास्टर क्लास’

प्रशिक्षण सत्रों के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों को उनकी प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियों के बारे में विस्तार से शिक्षित किया जा रहा है. उन्हें ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) के निर्माण, 15वें वित्त आयोग की निधियों का सदुपयोग, मनेरगा के क्रियान्वयन और विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के चयन की प्रक्रिया सिखाई जा रही है. इसके साथ ही, विकास कार्यों में जनभागीदारी (Public Participation) के महत्व और ग्राम सभाओं के सशक्तिकरण पर भी विशेष चर्चा की जा रही है ताकि ग्रामीण विकास की प्रक्रिया में आम जनता की आवाज़ भी शामिल हो सके.

8 अप्रैल तक प्रखंडवार चलेगा प्रशिक्षण का चक्र

प्रशासन ने सुचारू प्रशिक्षण के लिए जिलों के प्रखंडों को तीन मुख्य केंद्रों में विभाजित किया है. राजकीय पॉलिटेक्निक में बाघमारा, बलियापुर और पूर्वी टुंडी के मुखिया प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं. वहीं, बीबीएमकेयू परिसर में टुंडी, तोपचांची और गोविंदपुर के प्रतिनिधियों के लिए सत्र आयोजित हैं. इसके अतिरिक्त, एमटीसी ट्रेनिंग सेंटर में निरसा, एगारकुंड, कलियासोल और धनबाद प्रखंड के मुखियाओं को दक्ष बनाया जा रहा है. यह सघन प्रशिक्षण कार्यक्रम 8 अप्रैल तक अनवरत जारी रहेगा, जिसके उपरांत पंचायतों में योजनाओं के क्रियान्वयन में बड़ी तेजी आने की संभावना है.

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Published by: Sameer Oraon

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