पलामू प्रमंडल में नहीं टूटा मिथक, फायदे में कांग्रेस, झामुमो और भाजपा को नुकसान, राजद की वापसी

Jharkhand Election Result Explained: झारखंड चुनाव में इस बार भी पलामू प्रमंडल में मिथक नहीं टूटा. चुनाव में कांग्रेस को फायदा हुआ, तो झामुमो और भाजपा को नुकसान.

Jharkhand Election Result Explained: विधानसभा चुनाव-2024 के परिणाम से पलामू प्रमंडल में कई पुरानी मिथक कायम रहे, तो कई नये कीर्तिमान भी बने. पूरे पलामू प्रमंडल की नौ सीटों में इस बार इंडिया गठबंधन को दो सीटों का फायदा हुआ है. राजद ने दो सीटें जीत कर वापसी की है. कांग्रेस को भी एक सीट का लाभ हुआ है तो झामुमो और भाजपा को एक-एक सीट का घाटा हुआ. पिछले चुनाव में भाजपा पांच सीटों पर जीत दर्ज की थी. हुसैनाबाद से एनसीपी के टिकट पर कमलेश सिंह जीते थे. वह चुनाव के पहले भाजपा में आ गये थे. भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े, पर सफलता नहीं मिली. रिपोर्ट अविनाश की.

छतरपुर से छठी बार जीते राधाकृष्ण किशोर

2024 के चुनाव में भी छतरपुर का पुराना रिकार्ड बरकरार रहा. 1985 के बाद से राधाकृष्ण किशोर ही ऐसे विधायक हैं, जिन्होंने वापसी की है. 2019 में जीतने वाली पुष्पा देवी को भाजपा ने 2024 में भी प्रत्याशी बनाया था. लेकिन पुष्पा देवी उस रिकार्ड को तोड़ नहीं सकीं. राधाकृष्ण किशोर 1980 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीते थे. 1985 और 1995 में भी कांग्रेस के टिकट पर जीते. 2005 में जदयू और 2014 में भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतने के बाद 2024 के चुनाव में किशोर कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीता. किशोर की जीत से 30 वर्षों के बाद कांग्रेस ने छतरपुर के राजनीतिक जमीन पर वापसी की है.

हुसैनाबाद में नहीं टूटा हरिहर सिंह का रिकॉर्ड

हुसैनाबाद में हरिहर सिंह के बाद कोई भी लगातार दो बार चुनाव नहीं जीत सका है. 2024 में भी यह रिकार्ड कायम रहा. कमलेश कुमार सिंह लगातार दूसरी बार जीत दर्ज नहीं कर सके. वहीं राजद के टिकट पर जीत दर्ज कर संजय सिंह यादव ने राजद की वापसी करायी है. इससे पहले 2009 में राजद के टिकट पर संजय सिंह यादव ने चुनाव जीता था. वर्ष 2000 में वह पहली बार इस सीट से विधायक बने थे. 2024 में पलामू में राजद ने वापसी की है. 2014 और 2019 के चुनाव में पलामू प्रमंडल में राजद शून्य पर आउट हो गया था. वहीं कांग्रेस अपने स्कोर को बढ़ाकर एक से दो करने में सफलता हासिल की है.

मनिका में रामचंद्र सिंह ने जीत की हैट्रिक लगायी

कांग्रेस ने लातेहार जिला के मनिका सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा है. इस सीट से कांग्रेस प्रत्याशी रामचंद्र सिंह ने जीत की हैट्रिक लगायी है. 2009 में कांग्रेस ने पलामू प्रमंडल की नौ में से तीन सीटों (भवनाथपुर, विश्रामपुर और डाल्टनगंज) में जीत दर्ज की थी. उसके बाद के दो चुनाव में कांग्रेस एक के ही स्कोर पर थी. जो 2024 में बढ़कर दो हो गया. 2019 में गढ़वा पर मिली जीत के बाद झामुमो ने जिले की दूसरी सीट भवनाथपुर पर कब्जा करने को लेकर राजनीतिक फिल्डिंग सजायी थी. भवनाथपुर में भाजपा के कद्दावर चेहरा भानु प्रताप शाही को हराने में झामुमो ने सफलता पायी. इस सीट से अनंत प्रताप देव जीते. लेकिन राज्य भर में झामुमो के शानदार प्रदर्शन के बाद मंत्री मिथिलेश ठाकुर को भाजपा के सत्येंद्र नाथ तिवारी ने हरा कर गढ़वा सीट पर वापसी कर ली. लातेहार सीट पर झामुमो का कब्जा था. इस सीट पर भी मंत्री बैद्यनाथ राम को भाजपा के प्रकाश राम ने हराया. पांकी और डाल्टनगंज सीट पर भाजपा ने कब्जा बरकारर रखा.

विश्रामपुर में 30 साल बाद नये चेहरे की इंट्री

विश्रामपुर में लगभग 30 वर्षों के बाद नये राजनीतिक चेहरे की इंट्री हुई है. इस सीट पर रामचंद्र चंद्रवंशी और ददई दुबे हमेशा आमने-सामने रहे. 1995 में चंद्रवंशी ने राजद के टिकट पर लड़ कर जीत दर्ज की. दोनों के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता रही. 30 वर्षों के दौरान विधायक की कुर्सी इन्हीं दोनों नेताओं के पास रही. पिछले दो चुनाव से भाजपा के टिकट पर रामचंद्र चंद्रवंशी लगातार चुनाव जीत रहे थे. लेकिन 2024 में वह जीत की हैट्रिक नहीं लगा सके. ददई दुबे पहले ही इस राजनीतिक पिच से आउट हो चुके थे. इस बार राजद के टिकट पर जीत दर्ज कर नरेश प्रसाद सिंह ने नये चेहरे के रूप में इंट्री कर ली है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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