केरल पुलिस ने रांची से 4 साइबर अपराधियों को किया गिरफ्तार, ठगी के पैसों से करते थे मौज मस्ती

तीनों ने गांव से ही ठगी करनी सीखी थी. तीनों करीब दो साल पहले रांची आ गये और साइबर फ्रॉड गैंग में शामिल हो गये. तीनों अपने अपराध को छिपाने के लिए किराये पर गाड़ी चलाने का काम भी करते थे.

रांची : केरल के एर्नाकुलम थाना की पुलिस ने रांची के विद्यानगर मुहल्ले में छापेमारी के बाद गिरफ्तार चार साइबर अपराधियों को रविवार को ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ ले गयी. एर्नाकुलम पुलिस जिन्हें अपने साथ ले गयी, उसमें नवादा के चकवाई निवासी ज्योतिष कुमार, मोहन कुमार चौधरी, अजीत और सुखदेवनगर के इरगू टोली निवासी नीरज कुमार शामिल हैं. सिटी एसपी राजकुमार मेहता ने बताया कि एक माह में गिरफ्तार साइबर आरोपियों ने करीब 70 से 75 लाख रुपये की निकासी की है. इसकी जानकारी उनके पास से बरामद बैंक एकाउंट से मिली है. एर्नाकुलम पुलिस को आरंभिक जांच में जानकारी मिली थी कि ठगी करनेवाले साइबर अपराधियों के इस गिरोह में कुल 50 लोगों की टीम है. गिरोह का सरगना नवादा जिला के वारसलीगंज थाना क्षेत्र का रहनेवाला है.

गिरोह में सभी लोगों को अलग- अलग जिम्मेवारी दी गयी थी. इसमें कुछ लोगों का काम बैंक कर्मी और एजेंट से डाटा एकत्र कर साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराना, कुछ का काम एकाउंट खोलना, कुछ का काम फोन करना और रांची से गिरफ्तार चकवाई के तीन साइबर अपराधियों का काम ठगी से हासिल पैसे को एटीएम से निकालना था. तीनों ने ठगी के पैसे से गाड़ियां और महंगी बाइक भी खरीदी थी. तीनों ने गांव से ही ठगी करनी सीखी थी. तीनों करीब दो साल पहले रांची आ गये और साइबर फ्रॉड गैंग में शामिल हो गये. तीनों अपने अपराध को छिपाने के लिए किराये पर गाड़ी चलाने का काम भी करते थे.

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रविवार को सुखदेवनगर थाना में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में सिटी एसपी राज कुमार मेहता ने बताया कि आरोपियों के पास से दो कार, एक बुलेट, दो बाइक, 1.39 लाख रुपये बरामद किये गये हैं. आरोपियों के पास से 85 एटीएम कार्ड मिले हैं. इसके माध्यम से वे पैसे की निकासी करते थे. उनके पास से 18 बैंक पासबुक भी जब्त किये गये हैं.

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By Prabhat Khabar News Desk

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