झारखंड: इस गांव के आदिवासी क्यों हुए उग्र? निर्माणाधीन मकान को किया ध्वस्त, पुलिस पर भी किया हमला

रांची में मांडर में 40 पड़हा आदिवासी समाज के लोग उग्र हो गये और पुलिस पर हमला कर दिया, साथ ही साथ एक निर्माणधीन मकान को तोड़ दिया. उनका कहना था कि उक्त मकान का निर्माण जतरा स्थल की जमीन पर हो रहा है.

मांडर थाना क्षेत्र के सरगांव में गुरुवार को 40 पड़हा आदिवासी समाज के लोग हरवे-हथियार के साथ गोलबंद हो गये और गांव में बने रहे एक मकान को ध्वस्त कर दिया. समाज के लोगों का कहना था कि उक्त मकान का निर्माण जतरा स्थल की जमीन पर हो रहा है. इसकी सूचना मिलते ही वहां पुलिस पहुंची, लेकिन भीड़ ने पुलिस पर भी हमला कर दिया.

हमले में मांडर के इंस्पेक्टर अवधेश ठाकुर, थानेदार विनय यादव, चान्हो के थानेदार रंजय को चोट लगी है. वहीं मांडर थाना के हवलदार शिवरात महतो व चौकीदार मंटू गंभीर रूप से घायल हो गये. हवलदार को रिम्स भेजा गया. प्रशासनिक अधिकारियों के साथ भी हाथापाई की गयी. भीड़ को उग्र होता देख पुलिस प्रशासन की टीम पीछे हट गयी.

पुलिसकर्मियों पर हमले की सूचना पर डीएसपी अनिमेष नैथानी व ग्रामीण एसपी नौशाद आलम वहां पहुंचे और स्थिति की जानकारी ली. इधर मकान का निर्माण करा रहे मंगरा उरांव (झारखंड पुलिस) का कहना था कि उक्त जमीन उन्होंने 40 साल पहले जमींदार से खरीदी थी. सीओ विजय हेमराज खलखो ने कहा कि उक्त जमीन के संबंध में उनसे किसी पक्ष ने संपर्क नहीं किया है. आदिवासियों का कहना था कि उक्त स्थल पर इंद जतरा लगता है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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