झारखंड के 2700 सहायक शिक्षकों के मानदेय पर रोक, जानें क्या है इसकी बड़ी वजह

500 वैसे शिक्षक हैं जिन्होंने सत्यापन के लिए अपना प्रमाण पत्र जमा नहीं किया या फिर उन्होंने त्याग पत्र दे दिया. कुछ शिक्षकों का प्रमाण पत्र फर्जी भी पाया गया है.

Jharkhand Sahayak Shikshak News: झारखंड के 2700 सहायक शिक्षकों के मानदेय भुगतान पर रोक लगा दी गयी है. इन शिक्षकों को जनवरी का मानदेय नहीं दिया गया. झारखंड शिक्षा परियोजना द्वारा मंगलवार को जनवरी का मानदेय जारी कर दिया गया. दिसंबर 2022 की तुलना में 2700 कम शिक्षकों का मानदेय जारी किया गया है. इनमें लगभग 2200 पारा शिक्षक ऐसे हैं, जिनके प्रमाण पत्र का अब तक सत्यापन नहीं हुआ है.

जबकि 500 वैसे शिक्षक हैं जिन्होंने सत्यापन के लिए अपना प्रमाण पत्र जमा नहीं किया या फिर उन्होंने त्याग पत्र दे दिया. कुछ शिक्षकों का प्रमाण पत्र फर्जी भी पाया गया है. इन सभी शिक्षकों का मानदेय रोक दिया गया था. राज्य सरकार ने 31 दिसंबर तक प्रमाण पत्र सत्यापन का निर्देश दिया था. इसके बाद उसे बढ़ाकर 16 फरवरी तक कर दिया गया था. 16 फरवरी तक जिन शिक्षकों के प्रमाण पत्र का सत्यापन नहीं हुआ है, उनका मानदेय रोक दिया गया है.

इधर झारखंड राज्य सहयोगी सामुदायिक सहायक अध्यापक मोर्चा के विनोद तिवारी और झारखंड एकीकृत सहायक अध्यापक संघर्ष मोर्चा के संजय दूबे ने शिक्षकों के मानदेय पर रोक लगाये जाने का विरोध किया है. उन्होंने कहा है कि प्रमाण पत्र सत्यापन की जिम्मेदारी संबंधित जिला के जिला शिक्षा अधीक्षक की है. इस संबंध में जल्द ही मोर्चा का प्रतिनिधिमंडल शिक्षा मंत्री से मिलेगा.

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