Jharkhand Assembly Election 2024: बंगाल और तमिलनाडु के अफसरों ने झारखंड के पुलिस अधिकारियों को दी ट्रेनिंग

Jharkhand Assembly Election 2024: झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 से पहले पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के निर्वाचन पदाधिकारियों ने झारखंड के पुलिस अफसरों को ट्रेनिंग दी.

Jharkhand Assembly Election 2024: झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 से पहले पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के निर्वाचन पदाधिकारियों ने झारखंड के पुलिस अफसरों को विशेष ट्रेनिंग दी. इस अवसर पर झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) के रवि कुमार ने कहा कि चुनाव से जुड़े सभी पुलिस पदाधिकारियों के लिए इलेक्शन संबंधी ट्रेनिंग जरूरी है.

चुनाव से पहले सभी पदाधिकारियों को दी जाती है ट्रेनिंग

झारखंड के सीईओ के रवि कुमार ने कहा कि स्वच्छ निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन जुड़े सभी स्तर के पुलिस के पदाधिकारी अपनी महती भूमिका निभाते हैं. प्रेजाइडिंग ऑफिसर्स, पोलिंग ऑफिसर्स को निर्वाचन संबंधी ट्रेनिंग दी जाती है. उसी तरह निर्वाचन कार्य से जुड़े पुलिस के हरे स्तर के पदाधिकारियों के लिए ट्रेनिंग मैन्युअल तैयार किया गया है.

झारखंड के पुलिस पदाधिकारियों को ट्रेनिंग देने के लिए आए मेहमान निर्वाचन पदाधिकारी का स्वागत करते के रवि कुमार.

सभी पुलिस अधिकारियों को दी जाएगी ट्रेनिंग

उन्होंने कहा कि झारखंड विधानसभा चुनाव में भूमिका निभाने वाले झारखंड के सभी पुलिस अधिकारियों की ट्रेनिंग सुनिश्चित करना है. इससे ड्यूटी पर लगे पदाधिकारियों को उनके कर्तव्य के निर्वहन में स्पष्टता आएगी. साथ ही वे अपनी जिम्मेवारियों को तत्परता से निभा सकेंगे. उन्हें मालूम रहेगा कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान उन्हें क्या करना है, क्या नहीं करना है.

झारखंड विधानसभा चुनाव से पहले पुलिस पदाधिकारियों के लिए आयोजित ट्रेनिंग सेशन में अतिथि सीईओ के साथ के रवि कुमार.

निर्वाचन सदन में पुलिस वालों ने क्या सीखा

के रवि कुमार झारखंड के सभी सीनियर पुलिस ऑफिसर्स के लिए आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण सत्र को निर्वाचन सदन के सभागार में संबोधित कर रहे थे. इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ, पश्चिम बंगाल) आरिज आफताब ने पदाधिकारियों को चुनाव की घोषणा से पूर्व प्रारंभिक कार्य एवं मतदान केंद्रों के वर्गीकरण, वल्नरेबिलिटी के मूल्यांकन और क्रिटिकल विश्लेषण के विषयों एवं मतदान पूर्व, मतदान दिवस और मतदान के बाद सुरक्षा व्यवस्था के विषयों पर विस्तृत जानकारी दी.

तमिलनाडु के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताई ये बातें

तमिलनाडु के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सत्यव्रत साहू ने केंद्रीय अर्ध सैनिक बलों की तैनाती की जरूरतों का आकलन करने, स्थानीय पुलिस पदाधिकारियों से उनके समन्वयन स्थापित करने एवं राज्य के पुलिस बल के साथ उनकी तैनाती से संबंधित विषयों को रेखांकित किया. स्थानीय पुलिस पदाधिकारियों की इसमें क्या भूमिका होती है, उसके बारे में भी विस्तार से जानकारी दी.

पदाधिकारियों का फीडबैक लेकर शंका का समाधान भी किया

निर्वाचन के दौरान कानून–व्यवस्था, जिसमें आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) एवं व्यय निगरानी, ​​नवाचार एवं सुधार से संबंधित प्रासंगिक मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई. प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य के पदाधिकारियों से फीडबैक लेते हुए उनकी शंकाओं का समाधान भी किया गया.

झारखंड के पुलिस पदाधिकारियों को ट्रेनिंग देने के लिए आए अतिथि मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का के रवि कुमार ने गुलदस्ता देकर किया स्वागत.

ट्रेनिंग सेशन में ये लोग हुए शामिल

इस अवसर पर राज्य पुलिस के नोडल पदाधिकारी एवी होमकर, राज्य सीएपीएफ के नोडल डीआईजी इंद्रजीत महथा, पुलिस हेडक्वार्टर के निर्वाचन सेल के डीआईजी धनंजय कुमार सिंह, रांची, हजारीबाग, चाईबासा, पलामू, बोकारो एवं दुमका प्रक्षेत्र के डीआईजी, सभी जिलों के वरीय पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक, जिलों के निर्वाचन प्रकोष्ठ के प्रभारी पुलिस उपाधीक्षक सहित मुख्य निर्वाचन कार्यालय के पदाधिकारीगण उपस्थित रहे.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवरेज करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है। मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है

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