झारखंड में डेंगू-चिकनगुनिया पर स्वास्थ्य विभाग का 'स्ट्राइक': ACS का आदेश- बस्तियों में घुसकर मारो मच्छरों का लार्वा

झारखंड में डेंगू और चिकनगुनिया के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा कदम उठाया है. शहरी और ग्रामीण इलाकों में घर-घर जाकर मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान और उन्हें नष्ट करने का विशेष अभियान चलाया जा रहा है.

रांची से विपिन सिंह की रिपोर्ट

Jharkhand Anti Dengue Drive, रांची : झारखंड में डेंगू और चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है, जिसके तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान की जाएगी. इसके लिए सभी जिलों के उपायुक्तों को इसकी विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है. अभियान को प्रारंभ भी कर दिया गया है. स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की एक टीम बनाने को कहा है, जो लोगों के घरों और परिसरों में जाकर जमा पानी में मच्छर के लार्वा की पहचान कर उसे नष्ट करेंगी. अस्पतालों में रक्त नमूने को जांचने के लिए जांच किट और जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने को कहा गया है.

साफ पानी में पनपते हैं डेंगू के मच्छर

डेंगु एवं चिकनगुनिया संक्रमित मादा एडीज मच्छर के काटने से होनेवाला एक वायरल बुखार है. यह मच्छर अपेक्षाकृत साफ पानी के बर्तन, कूलर एवं टूटे बर्तन में जमा पानी, प्लास्टिक के खुले बोतल, छत पर जल जमाव, छत पर खुली पानी की टंकी, घर के बाहर रखे, फेंके टायर, कचरों में खाली, टूटे बर्तन इत्यादि जगहों पर अंडे देती है एवं इनके लार्वा आसानी से देखे जा सकते हैं.

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बस्तियों में घूमकर लार्वा की होगी जांच

स्वास्थ्य कर्मियों और कार्यकर्ताओं द्वारा बस्तियों में घूमकर लार्वा की जांच की जाएगी. उच्च जोखिम वाले इलाकों में मच्छर नियंत्रण के लिए फॉगिंग मशीन का उपयोग किया जाएगा.

मच्छरों के प्रमुख प्रजनन स्थल

  • कूलर और गमले : एयर कूलर का पानी और पौधों के नीचे रखी प्लेटें
  • कचरा एवं बर्तन: पुराने टायर, टूटे डिब्बे, नारियल के खोल और खुले बर्तन
  • घरेलू उपकरण : फ्रिज की ट्रे और इकट्ठा हुआ साफ पानी

मच्छरों से बचाव के उपाय

  • पानी न जमने दें : घर के आसपास पानी एकत्र न होने दें, कूलर और बर्तन का पानी नियमित रूप से बदलें
  • पूरी बांह के कपड़े : शरीर को पूरी तरह ढकने वाले हल्के रंग के वस्त्र पहनें
  • सुरक्षा से बचाव संभव : दिन और रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें

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By Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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