रांची से प्रणव की रिपोर्ट
Transfer Posting: झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने बुधवार 20 मई 2026 को राज्य पुलिस सेवा में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है. उसने एक साथ 201 डीएसपी (पुलिस उपाधीक्षक) स्तर के अधिकारियों का तबादला कर दिया है. गृह, कारा और आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में कई जिलों के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों, यातायात डीएसपी, विशेष शाखा और मुख्यालय में तैनात अधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है. इसे राज्य में लंबे समय बाद हुआ सबसे बड़ा पुलिस प्रशासनिक फेरबदल माना जा रहा है.
कई जिलों में बदले गए एसडीपीओ
सरकार की ओर से जारी सूची के अनुसार, कई जिलों के एसडीपीओ को नई जगहों पर भेजा गया है. गढ़वा के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रहे नीरज कुमार को हटिया का डीएसपी बनाया गया है. वहीं, झारखंड पुलिस मुख्यालय रांची में पदस्थापित दीपक कुमार को बेड़ो का डीएसपी बनाया गया है. हजारीबाग में झारखंड सशस्त्र पुलिस-7 में तैनात मनीष चंद्र लाल को सिल्ली का डीएसपी बनाया गया है. इसी तरह बसिया के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रहे नाजीर अख्तर को धनबाद मुख्यालय-2 भेजा गया है. बरही के एसडीपीओ अजित कुमार विमल को बाघमारा का अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बनाया गया है. विशेष शाखा में तैनात लिलेश्वर महतो को निरसा और प्रकाश चंद्र महतो को सिंदरी का एसडीपीओ बनाया गया है.
रांची और धनबाद में भी बड़ा बदलाव
राजधानी रांची और धनबाद जिले में भी बड़े पैमाने पर अधिकारियों की पोस्टिंग बदली गई है. कई परिवीक्षाधीन डीएसपी अधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं. आलोक कुमार सिंह को सीसीआर रांची, अजय आर्यन को डीएसपी मुख्यालय-2 रांची और रामाकांत रजक को यातायात-4 रांची में पदस्थापित किया गया है. ताराश सोरेन को यातायात-2 रांची की जिम्मेदारी मिली है. वहीं, प्रदीप कुमार-2 को साइबर डीएसपी रांची बनाया गया है. कुमार विनोद को धनबाद में मुख्यालय-4 का डीएसपी बनाया गया है. इसके अलावा कई अधिकारियों को ट्रैफिक, साइबर सेल और विशेष शाखा में नई जिम्मेदारी दी गई है.
कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी
सरकार की इस कार्रवाई को आगामी कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक जरूरतों से जोड़कर देखा जा रहा है. सूत्रों के अनुसार कई जिलों में अपराध नियंत्रण, साइबर अपराध पर निगरानी, ट्रैफिक प्रबंधन और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बेहतर पुलिसिंग के उद्देश्य से यह व्यापक बदलाव किया गया है. राज्य सरकार का मानना है कि नई पोस्टिंग से पुलिस प्रशासन अधिक सक्रिय और जवाबदेह बनेगा. जिन जिलों में लंबे समय से अधिकारी तैनात थे, वहां भी बदलाव किया गया है, ताकि कार्यप्रणाली में नई ऊर्जा लाई जा सके.
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नए अधिकारियों को जल्द योगदान देने का निर्देश
अधिसूचना जारी होने के बाद संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द नई जगह पर योगदान देने का निर्देश दिया गया है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कई जिलों की पुलिस व्यवस्था में इसका असर दिखाई देगा. नई तैनाती के बाद अपराध नियंत्रण, जांच और प्रशासनिक कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है.
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