जेबीवीएनएल ने रच दिया इतिहास, जून में रिकॉर्ड 95% उपभोक्ताओं की बिलिंग

रांची से सुनील चौधरी की रिपोर्ट JBVNL Reocrd Billing: झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) ने बिजली बिलिंग के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है. जून 2026 में निगम ने पहली बार राज्य के 95 प्रतिशत बिजली उपभोक्ताओं की सफलतापूर्वक बिलिंग कर रिकॉर्ड बनाया है. इसके साथ ही जून माह में 468.52 करोड़ रुपये […]

रांची से सुनील चौधरी की रिपोर्ट

JBVNL Reocrd Billing: झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) ने बिजली बिलिंग के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है. जून 2026 में निगम ने पहली बार राज्य के 95 प्रतिशत बिजली उपभोक्ताओं की सफलतापूर्वक बिलिंग कर रिकॉर्ड बनाया है. इसके साथ ही जून माह में 468.52 करोड़ रुपये के बिजली बिल की वसूली भी की गई. इस उपलब्धि को बिजली वितरण व्यवस्था में सुधार की दिशा में बड़ी सफलता माना जा रहा है. झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (जेयूवीएनएल) के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक (सीएमडी) के. श्रीनिवासन के निर्देश पर पूरे राज्य में बिलिंग व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया, जिसका सकारात्मक परिणाम सामने आया है.

55.97 लाख उपभोक्ताओं में से 52.95 लाख की हुई बिलिंग

जेबीवीएनएल के अनुसार राज्य में कुल 55,97,117 बिजली उपभोक्ता हैं. इनमें से जून माह में 52,95,689 उपभोक्ताओं को बिजली बिल जारी किया गया. यह कुल उपभोक्ताओं का लगभग 95 प्रतिशत है, जो अब तक का सर्वाधिक बिलिंग प्रतिशत माना जा रहा है. बिजली विभाग का कहना है कि बिलिंग प्रक्रिया में आई इस तेजी से राजस्व संग्रह में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है और निगम की वित्तीय स्थिति मजबूत करने में मदद मिलेगी.

जून में 468.52 करोड़ रुपये की हुई वसूली

रिकॉर्ड बिलिंग के साथ-साथ जेबीवीएनएल ने जून माह में 468.52 करोड़ रुपये की राजस्व वसूली भी दर्ज की. अधिकारियों का मानना है कि अधिक से अधिक उपभोक्ताओं तक समय पर बिल पहुंचने से भुगतान में भी वृद्धि हुई है. विभाग का लक्ष्य अब केवल बिल जारी करना नहीं, बल्कि समय पर राजस्व संग्रह सुनिश्चित करना भी है, ताकि बिजली वितरण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके.

जुलाई के लिए तय किया गया नया लक्ष्य

जेयूवीएनएल के सीएमडी के. श्रीनिवासन ने अधिकारियों को जुलाई माह में 100 प्रतिशत बिलिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही उन्होंने 500 करोड़ रुपये से अधिक की बिजली बिल वसूली का लक्ष्य भी निर्धारित किया है. उन्होंने सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि लक्ष्य प्राप्त करने के लिए फील्ड स्तर पर नियमित निगरानी करें और किसी भी प्रकार की बाधा को तत्काल दूर करें.

ऐसे बढ़ी जेबीवीएनएल की बिलिंग क्षमता

जेबीवीएनएल के अधिकारियों के अनुसार पहले राज्य में केवल 70 से 80 प्रतिशत उपभोक्ताओं तक ही बिजली बिल पहुंच पाता था. इस स्थिति को सुधारने के लिए निगम ने चरणबद्ध रणनीति तैयार की. बिलिंग व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी की गई. इसके तहत प्रत्येक सप्ताह दो बार महाप्रबंधक, उपमहाप्रबंधक, विद्युत कार्यपालक अभियंता तथा बिलिंग एजेंसियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई. इन बैठकों में हर सप्ताह के लिए स्पष्ट बिलिंग लक्ष्य तय किए गए और उनकी नियमित समीक्षा की गई.

ऊर्जा मित्रों के वेतन भुगतान पर दिया गया विशेष ध्यान

समीक्षा बैठकों के दौरान यह सामने आया कि कुछ बिलिंग एजेंसियां ऊर्जा मित्रों को समय पर वेतन का भुगतान नहीं कर रही थीं. इससे फील्ड स्तर पर बिलिंग कार्य प्रभावित हो रहा था. इसके बाद निगम ने संबंधित एजेंसियों को पहले ऊर्जा मित्रों का बकाया वेतन भुगतान करने का निर्देश दिया. वेतन भुगतान सुनिश्चित होने के बाद ऊर्जा मित्रों ने अधिक सक्रियता से फील्ड में कार्य किया, जिससे बिलिंग प्रक्रिया में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला.

फील्ड मॉनिटरिंग से मिला बेहतर परिणाम

जेबीवीएनएल ने केवल कार्यालय स्तर पर समीक्षा तक ही सीमित न रहकर फील्ड स्तर पर भी निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया. विद्युत कार्यपालक अभियंताओं और सहायक विद्युत अभियंताओं को ऊर्जा मित्रों के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी दी गई. अधिकारियों की लगातार निगरानी, समयबद्ध लक्ष्य निर्धारण, ऊर्जा मित्रों के वेतन भुगतान और बिलिंग एजेंसियों की जवाबदेही तय किए जाने का ही परिणाम रहा कि जून माह में रिकॉर्ड 95 प्रतिशत बिलिंग संभव हो सकी.

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जेबीवीएनएल को लक्ष्य हासिल करने पर फोकस

निगम को उम्मीद है कि इसी कार्यप्रणाली को जारी रखते हुए जुलाई में शत-प्रतिशत बिलिंग और 500 करोड़ रुपये से अधिक की राजस्व वसूली का लक्ष्य भी हासिल कर लिया जाएगा. इससे न केवल बिजली वितरण व्यवस्था और मजबूत होगी, बल्कि उपभोक्ताओं को भी समय पर बिल उपलब्ध कराने की व्यवस्था और अधिक पारदर्शी तथा प्रभावी बनेगी.

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Published by: Kumarvishwat sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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