रांची: झारखंड में जल जीवन मिशन के तहत चल रही हर घर नल जल योजना को गति देने के लिए केंद्र सरकार तत्काल 300 करोड़ रुपये की राशि जारी करेगी. यह निर्णय मंगलवार को नयी दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय विभागीय शिखर सम्मेलन के दौरान लिया गया.
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में झारखंड के पेयजल एवं स्वच्छता तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने राज्य का पक्ष मजबूती से रखा. उन्होंने केंद्र सरकार से झारखंड की लंबित 6,105 करोड़ रुपये की राशि का जल्द भुगतान करने की मांग की.
झारखंड की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार नियमों में छूट की मांग
मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि झारखंड की भौगोलिक परिस्थितियां अन्य राज्यों से अलग हैं. ऐसे में जल जीवन मिशन से जुड़े प्रावधानों में राज्य की परिस्थितियों को देखते हुए आवश्यक छूट दी जानी चाहिए.
उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में खराब पड़े चापानलों में रिचार्ज पिट लगाने और जल संरक्षण से जुड़ी योजनाओं को गति देने के लिए केंद्र से विशेष सहयोग का भी आग्रह किया.
केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की ओर से आयोजित सम्मेलन में देश में पेयजल व्यवस्था, जल संरक्षण और जल जीवन मिशन 2.0 के तहत योजनाओं के दीर्घकालिक संचालन एवं रखरखाव की समीक्षा की गयी. बैठक में जल संसाधन मंत्री हफीजुल हसन भी मौजूद थे.
बारिश के पानी को सहेजने पर जोर
बैठक में जल परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने, ‘कैच द रेन’ अभियान को प्रभावी बनाने और स्थानीय जल स्रोतों के संरक्षण पर भी चर्चा हुई.
मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि केवल नयी जलापूर्ति योजनाएं तैयार करना पर्याप्त नहीं है. योजनाओं के लिए स्थायी जल स्रोत, नियमित रखरखाव और सुचारू संचालन की व्यवस्था भी जरूरी है. इसके लिए केंद्र और राज्य के बीच लगातार समन्वय और वित्तीय सहयोग आवश्यक है.
उन्होंने जल संरक्षण में जनभागीदारी बढ़ाने पर जोर देते हुए लोगों से बारिश के पानी को सहेजने का आह्वान किया.
