रांची से अभिषेक आनंद की रिपोर्ट
रांची : झारखंड के डुमरी विधायक जयराम महतो और पुलिस एसोसिएशन के बीच छिड़ा विवाद अब चरम पर पहुंच गया है. बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार और विधायक के बीच बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग वायरल होने के बाद पुलिस एसोसिएशन ने विधायक के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि वे उन्हें कोर्ट कचहरी दौड़ा कर ही रहेंगे. दूसरी तरफ अदालत से भी विधायक जयराम महतो को फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है.
पुलिस एसोसिएशन की चेतावनी
झारखंड पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल कुमार मुर्मू ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर पुलिस महकमे के कड़े रुख का स्पष्ट संकेत दिया है. उन्होंने कहा कि उन्हें क्या सजा देना है ये माननीय न्यायालय समझेगा. लेकिन हमारी जो प्रक्रिया है वह हम कर रहे हैं. उन्होंने साफ तौर पर कहा कि हम आपको (जयराम को) कोर्ट तक जरूर पहुंचाएंगे. आपको भाग-दौड़ करनी पड़ेगी. उन्होंने पत्रकारों से कहा कि प्रेस के साथी जो कहते हैं कि टाइगर यहां घूमता है, वहां घूमता है. एसोसिएशन के तरफ वे कहना चाहते हैं कि वे उन्हें भाग दौड़ करवा के ही मानेंगे. पुलिस एसोसिएशन बेहद मजबूत संगठन है. हम बस उन्हें इतना कह देना चाहते हैं आपने (जयराम ने) गलत जगह हाथ डाल दिया है.
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गिरफ्तारी की प्रक्रिया को तेज करने की मांग
राहुल कुमार मुर्मू ने आगे कहा कि धनबाद एसएसपी को विधायक की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए 5 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है. एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि झारखंड पुलिस एसोसिएशन, पुलिस मेंस एसोसिएशन और चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी संघ इस मुद्दे पर पूरी तरह से एकमंच पर हैं. संगठन किसी भी सूरत में पीछे नहीं हटेगा और विधायक को कानून व अदालत के कटघरे में खड़ा करके ही रहेगा.
जयराम को अदालत से झटका
कानूनी मोर्चे पर भी विधायक जयराम महतो की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं. धनबाद की विशेष एमपी-एमएलए (MP-MLA) अदालत ने विधायक की अग्रिम जमानत याचिका पर फैसला फिलहाल टाल दिया है. अदालत ने पुलिस से केस डायरी तलब करते हुए जयराम महतो की गिरफ्तारी पर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया है. मामले की अगली सुनवाई अब 10 सितंबर को तय की गई है.
विधायक जयराम महतो बोले- 'भ्रष्ट सिस्टम से लड़ाई'
दूसरी ओर, पुलिस की चेतावनी और अदालती झटके के बावजूद विधायक जयराम महतो अपने रुख पर अड़े हुए हैं. उन्होंने इसे व्यक्तिगत लड़ाई के बजाय "भ्रष्ट सिस्टम के खिलाफ संग्राम" करार दिया है. विधायक का तर्क है कि वायरल कॉल रिकॉर्डिंग उनकी निजी बातचीत थी, जिसे बरवाअड्डा थाना प्रभारी ने बिना अनुमति सोशल मीडिया पर लीक किया. उन्होंने थाना प्रभारी से सार्वजनिक माफी की मांग की है. डुमरी विधायक ने थाना प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके निजी ड्राइवर के माध्यम से अवैध उगाही के दावे किए हैं. साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि पुलिस एसोसिएशन एक दागी अधिकारी के बचाव में क्यों खड़ा है?
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